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जनसमस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं

बीरोंखाल की विधायक अमृता रावत ने कहा है कि राज्य की जनता की मूलभूत सुविधाओं और जनसमस्याओं को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है। उनका कहना है कि पिछला ढाई साल का कार्यकाल अनिश्चिता और अस्थिरता के कारण व्यर्थ नष्ट हो गया है।

बीरोंखाल की विधायक अमृता रावत ने कहा कि प्रदेश भर में विद्युत, पेयजल का विकट संकट बना हुआ है वहीं विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। इतना ही नहीं अस्पताल में चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। अपने निर्वाचन क्षेत्र का जिक्र करते हुए उनका कहना है कि क्षेत्र में ऐसे ऐलोपैथिक चिकित्सालय है जिनमें न तो चिकित्सक ही नियुक्त है और नहीं फार्मासिस्ट।

मांग की है कि जनपद पौड़ी के चौबट्टाखाल, बीरोंखाल, बरसुंड, भरवगढ़ी, डांडानागराज, मुण्डनेश्वर, कोला पातल सहित टिहरी में घंटाकरण आदि स्थलों को पेयजल मुहैया कराया जाए। नानघाट पेयजल योजना की धीमी प्रगति पर भी विधायक अमृता रावत ने नाराजगी जाहिर की है।

उन्होंने कहा कि करीब 500 गांवों को अटल आदर्श योजना के रूप में नई पहल किए जाने की बात की गई है लेकिन इस योजना का स्वरूप क्या होगा और जनसमस्याओं के निवारण के लिए योजना में वित्तीय संसाधन क्या होंगे इसका कोई उल्लेख नहीं है

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