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बिहार के किसान एन.जी. रंगा कृषक पुरस्कार से सम्मानित

केन्द्रीय गैर पारम्परिक ऊर्जा मंत्री फारुख अब्दुल्ला ने गुरुवार को बिहार के मधुमक्खी पालन सह वर्मी कम्पोस्ट के उत्कृष्ट उत्पादक शशि कुमार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के एन जी रंगा कृषक पुरस्कार 2008 से सम्मानित किया। इस क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिए अब तक कुमार को कर्नाटक सरकार तथा बिहार सरकार पूसा कृषि महाविद्यालय समेत कई संस्थानों द्वारा पहले भी पुरस्कृत किया जा चुका है।

पुरस्कार के तहत एक प्रशस्ति पत्र सहित एक लाख रुपए नगद दिया गया। एन. जी रंगा पुरस्कार देश के कृषकों द्वारा कृषि उत्पाद को मूल्यवर्धक मार्केटिंग में विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। एन जी रंगा पुरस्कार प्रतिवर्ष एक व्यक्ति को ही दिया जाता है।


समारोह में शशि कुमार ने अपने प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि 1995 में उन्होंने इस क्षेत्र में कार्य प्रारम्भ किया। प्रारंभ में आर्थिक कठनाई के कारण मात्र दो हजार की पूंजी की व्यवस्था कर शिवा एग्रो नेचुरल प्रोडक्ट्स प्रा.लि. नाम से अपनी प्रतिभा के विस्तार में जुट गए। फिर उन्होंने प्रारंभ में प्रधानमंत्री रोजगार योजना से एक लाख रुपए का ऋण लेकर अपने सूवे से लेकर झारखण्ड के बियाबान जंगल सरसों के खेतों सूर्यमुखी करंज तथा सहिजन आदि के संकलन में जुट गए। इसके बाद उन्होंने गया जिला के मानपुर प्रखण्ड के तहत सुनहरी गांव में एक हजार वर्गफुट में अपनी कम्पनी स्थापित कर प्रोसेसिंग पैकेजिंग के साथ साथ शहद की गुणवत्ता जांच हेतु एक प्रयोगशाला भी स्थापित कर ली। कुमार द्वारा उत्पादित शहद एवं वर्मी कम्पोस्ट की उच्च गुणवत्ता के कारण देश एवं विदेशों के प्रतिष्ठित संगठनों द्वारा लगातार आपूर्ति की मांग की जा रही है और अब तक लगभग एक करोड़ रुपए का वार्षिक व्यवसाय किया जा रहा है।

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