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डा.कलाम के सुझाव पर अमल करेगी नीतीश सरकार

पूर्व राष्ट्रपति डा.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम ने बिहार के विकास और बाढ़ की समस्या के समाधान के लिए कई सुझाव दिए हैं। जिसपर राज्य सरकार अमल करेगी।
 
बिहार दौरे पर आए डा.कलाम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत अन्य वरीय अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने कोसी त्रासदी नेपाल से आने वाली नदियों के कारण राज्य में हर वर्ष होने वाली बाढ़ की तबाही और नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के संबंध में चर्चा की तथा इस बारे में कई सुझाव दिए। बाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि डा. कलाम के साथ कोसी और नेपाल से जुड़ी बिहार की बाढ़ की समस्या के संबंध में चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि डा. कलाम ने नेपाल से अलग बिहार में जल प्रबंधन के जरिए बाढ़ की समस्या से छुटकारा के सबंध में कुछ सुझाव दिए हैं। जिसपर वह जल्द की जल संसाधन विभाग के अभियंता और अधिकारियों के साथ बैठक कर विमर्श करेंगे।

कुमार ने कहा कि नदियों को जोड़ने की चर्चा सदियों से हो रही है लेकिन इसके लिए सार्थक पहल केन्द्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कार्यकाल में हुई। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर सभी राज्यों के बीच सहमति जरूरी है। इसलिए इसमें देरी होगी। उन्होंने कहा कि बिहार में उनकी सरकार अपने राज्य की नदियों को जोड़ना चाहती है और इसकी शुरूआत बिहार से करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर बिहार की नदियों को जोड़ने के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन डी.पी.आर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार की नदियों को जोड़ना चाहती है। इससे न सिर्फ उत्तर बिहार की बाढ़ की समस्या का समाधान होगा बल्कि दक्षिण बिहार के सूखा प्रभावित इलाकों में पानी पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। कुमार ने इस योजना में बड़ी राशि की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए कहा कि यह योजना अव्यवहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के संबंध में भी डा. कलाम के साथ चर्चा हुई। नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है और इसमें पढ़ाए जाने वाले विषय भी तय हो चुके है। ऐसे में वह चाहते है कि अब यहां जल्द से जल्द शैक्षणिक गतिविधि शुरू हो जाए। कुमार ने कहा कि डा. कलाम विद्वान पुरूष है और ऐसे लोग जो बात कहते है उसपर अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब डा. कलाम राष्ट्रपति थे, तब उन्होंने पहली बार बिहार आने पर विधानमंडल को संबोधित किया था और उसमें बिहार को विकसित राज्य बनाने के संबंध में सुझाव दिए थे।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने उसी समय बिहार को वर्ष 2015 तक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया था और आज उसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि वह चाहते है कि डा. कलाम बार-बार बिहार आएं। इससे लोगों का खासकर बच्चों का उत्साह काफी बढ़ता है। साथ ही उनके बहुमूल्य सुझाव से सरकार को भी लाभ मिलता है।

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