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रीता मुद्दे पर राजनीति गरमाई, कांग्रेस ने कहा लड़ेंगे

रीता मुद्दे पर राजनीति गरमाई, कांग्रेस ने कहा लड़ेंगे

कांग्रेस ने पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के लखनऊ स्थित आवास पर आगजनी और तोड़-फोड़ की घटना की निंदा करते हुए कहा है कि राज्य की मायावती सरकार को उन्माद और बदले की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के इशारे पर किसी का घर जलाना उचित नहीं है। राज्य सरकार को उन्माद और बदले की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री मायावती के बारे में जोशी की टिप्पणी के बारे में कहा कि यह उचित और समयानुकूल नहीं है।


उन्होंने कहा कि इसे लेकर सरकार को अगर कोई कानूनी कार्रवाई करनी है तो पार्टी इसके लिए तैयार है, लेकिन पुलिस संरक्षण और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेताओं की उपस्थिति में असामाजिक तत्वों द्वारा किसी का घर जलाना अनुचित और निंदनीय है। उन्होंने जोशी के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने को भी गलत बताया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जोशी ने अनुसूचित जाति-जनजाति के खिलाफ कुछ नहीं कहा है न ही किसी जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया है। उन्होंने व्यक्गित नाम लेकर टिप्पणी की थी मगर जोशी ने भी पूरे घटनाक्रम पर खेद जता दिया है। उल्लेखनीय है कि मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में जोशी को बुधवार देर रात गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया।

इस बीच बसपा समर्थकों ने लखनऊ के हुसैनगंज क्षेत्र स्थित उनकेमकान में आग लगा दी, जिसमें चार वाहन जल गए। जोशी को गुरुवार को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जोशी पर आरोप है कि उन्होंने बुधवार को मुरादाबाद के मझोला में एक सभा में बलात्कार पीड़ितों को दी जा रही मुआवजा के सिलसिले में मायावती के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ  मझोला थाने में एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। लखनऊ की घटना के सिलसिले में मामला दर्ज करके चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उधर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा की कथित टिप्पणी के बाद राज्य में हो रहे विरोध को कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की दलित वोटों की बंदर बांट के लिए नूराकुश्ती करार दिया है।

भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने मायावती के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी के लिए बहुगुणा को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने और उनका घर जलाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि दरअसल दलित वोटों की बंदर बांट के लिए कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक नूराकुश्ती हो रही है।

नकवी ने कहा कि कांग्रेस और बसपा की क्रमशः केंन्द्र और उत्तर प्रदेश में सरकार है। हालात ये हैं कि उत्तर प्रदेश में बंद से बदतर हो रही स्थिति, खासतौर से सूखा, महंगाई, भ्रष्टाचार, अराजकता और पानी बिजली की समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने के लिए दोनों दल राज्य में ये हालात पैदा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था के जो हालात हैं, उसके लिए केन्द्र और राज्य सरकारें बराबर की दोषी हैं। इस तरफ से लोगों का ध्यान किस तरह से हटाया जा सके और वोटों की सौदागरी के लिए कौन कितना बड़ा है, दोनों में इसकी होड़ मची हुई है। उन्होंने कहा कि मायावती-रीता बहुगुणा घटनाक्रम को दलित वोटों की बंदर बांट के लिए राजनीतिक नूराकुश्ती के अलावा कुछ नहीं कहा जा सकता।

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