अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

छिपी जानकारियां

अकसर कंपनियों द्वारा नंबर के तौर पर दी जाने वाली जनकारी लोगों को असमंजस में डालती है, पर निवेशक के लिहाज से इन आंकड़ों को समझना जरूरी है, क्योंकि इनमें महत्वपूर्ण जानकारियां छिपी होती है। इनको पढ़ने-समझने में थोड़ी बहुत भी पशोपेश की स्थिति बाद में आपके लिए परेशानी बन सकती है। इसलिए इन नंबरों के गणित को समझना जरूरी है।

उठना और गिरना : कभी-कभी किसी शेयर के दाम एकदम ऊपर चढ़ते और तुरंत ही नीचे गिरते हैं। कुछ लोगों के लिए यह परेशानी का सबब बन जाता है। शेयर के दाम बढ़ने-गिरने से मूल्यों पर पड़ने वाला प्रभाव निवेशक के लिए चौंकाने वाला होता है। उदाहरण के तौर पर किसी शेयर की बाजार में कीमत 100 रुपए थी। इसकी वैल्यू में 50 प्रतिशत इजाफा होने पर इसकी कीमत 150 रुपए हुई। यह वृद्धि इसकी बेसिक कीमत से हुई है। ऐसे में जब बाजार शीर्ष पर पहुंच जाता है और उसमें 50 प्रतिशत गिरावट आती है, तो उस शेयर की वल्यू आधी हो जाती है।

गिरना और उठना : अगर कोई शेयर शुरू में नीचे गिरता है और बाद में ऊपर उठता है, तब निवेशक के लिए स्थिति किस तरह की होती है। इसे यूं समझ जा सकता है। मान लो किसी शेयर की शुरुआती कीमत 500 रुपए थी और इसमें 60 प्रतिशत गिरावट हुई। ऐसे में कीमत 200 रुपए हो जाती है। ऐसे में शेयरों में 60 प्रतिशत की वृद्धि होने पर यह 320 रुपए हो जाता है। तब निवेशक को 180 रुपए का घाटा उठाना पड़ता है, जबकि पहले वाली स्थिति में ऐसा नहीं था। उसमें गिरावट आने के बाद भी फायदा हुआ था। इसका प्रमुख कारण है कि बेस गिरावट वाली स्थिति में गिरावट ज्यादा और वृद्धि उसके मुकाबले कम।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:छिपी जानकारियां