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आवारा कुत्तों की नसबंदी,नाइट ड्यूटी

शहरवासियों को अब आवारा कुत्तों से निजत मिल जाएगी। एक अगस्त से लोगों को कटखने व आवारा कुत्तों से जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। खासकर उन लोगों को इससे राहत मिलेगी जो कि रात की डच्यूटी करने के बाद आधी रात को पैदल घर तक पहुंचते हैं। आवारा कु त्तों की रातों रात बढ़ती आबादी तथा दौडा़कर काटने की प्रवृति से खासकर रात्रिकालीन डच्यूटी वाले लोग खासे परेशान थे।

नगर निगम शहरवासियों द्वारा लगातार बढ़ रही शिकायतों के बाद श्वान आश्रम  खोलने का निर्णय लिया है। हिंडन किनारे नन्दी पार्क के पास श्वान आश्रम में चल रही तैयारियों का नगरायुक्त अजय शंकर पांडेय ने जायजा लिया। पांडेय ने बताया कि अगले एक पखवाड़े में श्वान आश्रम बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें एक साथ तीस कुत्तों को साथ रहने,नसबंदी के लिए ओटी रूम आदि बनकर तैयार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि नसबंदी शुरू करने से पूर्व वार्ड वार आवारा कुत्तों का सर्वे कराया जाएगा। जिस वार्ड में कुत्तों की संख्या ज्यादा होगी,उसी वार्ड से आवारा कुत्तों की धरपकड़ की जाएगी,उसे श्वान आश्रम में लाकर नसबंदी किया जाएगा। डाक्टरों के मुताबिक आवारा कुत्तों की नसबंदी हो जाने के बाद उसके आक्रामकता एवं क्रूरता में भी कमी आएगी। बता दें कि बीते वर्ष ही वैशाली-कौशाम्बी में रात्रि डच्यूटी करने वालों ने आवारा कुतों से परेशान हो दौड़ाकर आधा दर्जन आवारा कुत्तों को पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। पीएफए द्वारा मुकदमें बाजी से मामला बेहद गंभीर हो गया था।

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