अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दो नावों पर पाकिस्तान

भारत और पाकिस्तान की वार्ताओं पर आतंक और कश्मीर का साया हमेशा रहा है और वह अगर इस बार भी है तो इस पर न ही हैरानी होनी चाहिए और न ही परेशानी। इससे अलग हमें उन सकारात्मक संकेतों को देखना चाहिए जो पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तानी सरकार ने आत्मस्वीकृति के रूप में दिए हैं। भले ही इसके पीछे अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की यात्रा का दबाव ही हो पर इससे एक माहौल तो बना है। दरअसल, पाकिस्तान आतंक और अमन की दो नावों पर लंबे समय से सवारी कर रहा है और अब अचानक उसके लिए अमन की नाव पर पूरी तरह शिफ्ट कर पाना संभव नहीं है। इसलिए अगर मिस्र के शहर शर्म-अल-शेख में निगरुट सम्मेलन के गलियारे में होने वाली प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और युसुफ रजा गिलानी की वार्ता से पहले जमात-उद-दावा के नेता हाफिज सईद के प्रति नरमी का माहौल बना है या कश्मीर को केंद्रीय मुद्दे के रूप में उठाने का प्रयास चल रहा है, तो इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। मुंबई के आतंकी हमले में वांछित हाफिज सईद को छोड़े जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील पंजाब सरकार ने वापस ले ली है तो संघीय सरकार उस पर अनिर्णय की स्थिति बनाए हुए है। शायद वे इसे वार्ता में सौदेबाजी का मुद्दा बनाकर रखना चाहते हों। इसलिए एक तरफ यह कहा जा रहा है कि इस वार्ता से कुछ भी हासिल नहीं होना है तो दूसरी तरफ यह दबाव भी बनाया जा रहा है कि दोनों के बीच वार्ता का यह आखिरी मौका है। इस निराशा और दबाव के पीछे भारत के राजनयिक हलकों के दोनों धड़ों की अपनी भूमिका हो सकती है।
    
लेकिन अगर गौर से देखा जाए तो संसद पर आतंकी हमले के बाद वाजपेयी सरकार ने ऑपरेशन पराक्रम से जितना हासिल किया उससे कहीं ज्यादा मनमोहन सरकार ने सैनिक हरकत के बिना आक्रामक राजनय से हासिल किया है। राष्ट्रपति जरदारी का यह मानना कि हाल तक आतंक उनकी राज्य की नीति का हिस्सा रहा है या कि मुंबई के हमले की योजना उनके देश में बनी, यह बड़ा बदलाव है। हाफिज सईद के मामले के अलावा अन्य मामलों में पाकिस्तान कार्रवाई कर भी रहा है। भले पाकिस्तान अपने दांव-पेंच से बाज नहीं आ रहा है पर उसी के साथ यह भी सच है कि वह खुले दिमाग से संवाद करने का प्रस्ताव भी दे रहा है। इसलिए इस वार्ता से बहुत ज्यादा उम्मीद पाल कर निराश होने के बजाय, इससे जो भी रास्ता निकले उसे आगे बढ़ाना चाहिए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दो नावों पर पाकिस्तान