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पर्यटन निगम के होटलों के निजीकरण पर ब्रेक

पयर्टन निगम के होटलों को निजी हाथों में सौंपने की कार्यवाही पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने कुछ दिनों का ‘ब्रेक’ लगा दिया है।  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शैलेष कृष्ण 23 जुलाई को पयर्टन निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों का पक्ष सुनेंगे। उसके बाद ही होटलों को निजी हाथों में सौंपने की नीति को हरी झण्डी दिखाई जाएगी।


पयर्टन निगम पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप (पीपीपी) के तहत 77 होटलों के शेयर निजी कंपनी को सौंपने की कार्रवाई कर रहा है। तकनीकी और वित्तीय बिड खोली जा चुकी है। इसमें कंपनियों ने लाभ में चल रहे गोमती होटल समेत उन होटलों में विनिवेश में दिलचस्पी जताई है। पयर्टन निगम के कर्मचारी, अधिकारी विनिवेश के खिलाफ आंदोलित हैं। वे विनिवेश के अनुबंध में कर्मचारियों की सेवा शर्तो का स्पष्ट उल्लेख करने और लाभ वाले होटलों को नहीं बेचे जाने की माँग कर रहे हैं। पयर्टन निगम कर्मचारियों, अधिकारियों के संगठन के अध्यक्ष नीरज पाहूज के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शैलेष कृष्ण से मिलकर निजीकरण की कार्यवाही रोकने की माँग की थी। इस पर कृष्णा ने 23 जुलाई को पयर्टन निगम के कर्मचारियों की समस्याएँ सुनने का भरोसा दिया है और तक तब विनिवेश की कार्यवाही पर ‘ब्रेक’ लगा दिया है। कर्मचारी नेता नीरज पाहूज ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से वार्ता के बाद  आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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  • Web Title:पर्यटन निगम के होटलों के निजीकरण पर ब्रेक