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भारत में और 7 करोड़ मुट्टले बढे

भारत में और 7 करोड़ मुट्टले बढे

लंदन की एक मधुमेह शोध संस्था द्वारा मोटापे के पैमाने फिर से निर्धारित करने के कारण सात करोड़ अन्य भारतीयों को भी मोटे लोगों की श्रेणी में शामिल किया गया है। भारत के लिए मोटापे का पैमाना इसलिए घटाया गया है क्योंकि दक्षिण एशिया के लोगों में श्वेत लोगों की अपेक्षा मोटापे से टाइप 2 (टी-2) प्रकार का मधुमेह होने का खतरा अधिक होता है।

इंग्लैंड में मधुमेह देखभाल सलाहकार पेव कालसी ने बताया कि हमें पता चला है कि मोटापे से संबंधित टाइप 2 मधुमेह श्वेत लोगों की तुलना में दक्षिण एशियाई व्यक्तियों में छह गुना अधिक होता है।

उल्लेखनीय है कि पूरी दुनिया में मोटापे के पैमाने श्वेत व्यक्तियों के अनुसार निर्धारित हैं। शरीर की लंबाई और वजन के अनुसार निर्धारित बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के अनुसार 25 बीएमआई या अधिक वजन के और 3क् बीएमआई से अधिक के लोग मोटे माने जाते हैं। भारतीय संदर्भ में इन पैमानों को घटाकर 23 और 25 बीएमआई कर दिया गया है।

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