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चीनी गैस पाइपलाइन में शामिल होगी ओएनजीसी

चीनी गैस पाइपलाइन में शामिल होगी ओएनजीसी

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल और प्राकतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की विदेशी शाखा ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) चीन की 1.95 अरब अमेरिकी डॉलर की गैस पाइपलाइन परियोजना से जुड़ सकती है। इसके तहत म्यांमार तट से प्राकृतिक गैस को चीन लाया जाना है।

चीन नेशनल पेट्रोलियम कारपोरेशन (सीएनपीसी) म्यांमार स्थित ब्लाक ए-1 और ए-3 में पाई गई गैस को देश में लाने के लिये 870 किलोमीटर पाइपलाइन बिछा रहा है। सूत्रों ने बताया कि सीएनपीसी ने ब्लाक ए-1 और ए-3 में गैस फील्ड का विकास कर रही कंपनियों के समूह को 49.9 फीसदी हिस्सेदारी देने की पेशकश की है।

दक्षिण कोरिया की देवू कॉरपोरेशन की प्रत्येक ब्लॉक में 60 फीसदी हिस्सेदारी है। जबकि ओवीएल की हिस्सेदारी 20 फीसदी तथा गेल एवं कोरिया गैस कॉरपोरेशन की 10-10 फीसदी की हिस्सेदारी है।

म्यांमार की सरकारी कंपनी म्यांमार ऑयल एंड गैस इंटरप्राइज (एमओजीई) को इसमें 15 फीसदी हिस्सेदारी लेने का अधिकार है। इसके बाद देवू की हिस्सेदारी घटकर 51 फीसदी, ओवीएल की 17 फीसदी और गेल तथा कोरिया गैस कॉरपोरेशन की हिस्सेदारी क्रमश: 8.5-8.5 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक देवू ने पाइपलाइन परियोजना में रूचि दिखाई है और ओवीएल बोर्ड ने भी परियोजना में हिस्सेदारी लेने की मंजूरी दे दी है। अगर सभी कंपनियां पाइपलाइन परियोजना में भाग लेने का फैसला करती हैं तो ऐसी स्थिति में सीएनपीसी की हिस्सेदारी 50.9 फीसदी, एमओजीई की 7.37 प्रतिशत, देवू की 25.04, ओवीएल की 8.35 प्रतिशत, गेल और कोरिया गैस कारपोरेशन की   4.17-4.17 फीसदी हिस्सेदारी होगी। चीन को गैस 7.72 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) गैस बेची जाएगी।

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