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पटना उच्च न्यायालय के वकीलों का अदालती कार्य का बहिष्कार

पटना उच्च न्यायालय के वकीलों ने आरा न्यायालय में हुए बम धमाके में वकील विनय तिवारी की मौत के विरोध में तथा उनके परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर बुधवार को अदालती कार्यों का बहिष्कार किया।

वकीलों के संगठन बार एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और एडवोकेट एसोसिएशन की समन्वय समिति के संयोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने दावा किया कि वकीलों के कार्य बहिष्कार के कारण न्यायालय में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप हैं।

उन्होंने बताया कि वकील संघों की मांग है कि राज्य सरकार तत्काल तिवारी के परिजनों को 20 लाख रुपए का मुआवज दे। इसके साथ ही घायल वकीलों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाए तथा उनके परिजनों को एक-एक लाख रुपये का मुआवज दिया जाए।

बिहार प्रदेश कांग्रेस के लीगल सेल के अध्यक्ष एवं पटना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एम़ पी़ गुप्ता ने बताया कि बिहार में आए दिन वकीलों पर हमले हो रहे हैं परंतु राज्य सरकार चुप है। उन्होंने कहा कि अगर वकीलों की मांग सरकार नहीं मानती है तो वकील आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।

ज्ञात हो कि 10 जुलाई को आरा न्यायालय परिसर में हुए एक बम विस्फोट में वकील विनय तिवारी की मौत हो गई थी जबकि चार वकील बुरी तरह घायल हुए थे।

उल्लेखनीय है कि बिहार के सभी न्यायालयों के वकीलों ने राज्य में वकीलों पर हो रहे हमले के विरोध में 25 तथा 26 जून को अदालती कार्यो का बहिष्कार किया था।

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  • Web Title:पटना उच्च न्यायालय के वकीलों का अदालती कार्य का बहिष्कार