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मायावती सरकार से पेड़ों की कटाई पर जवाब मांगा

केन्द्र ने नोएडा में ओखला पक्षी अभयारण्य के नजदीक बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई के मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। पर्यावरण एवं वन मंत्री जयराम रमेश ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान इन आरोपों का खंडन किया कि केन्द्र इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। श्री रमेश ने कहा कि केन्द्र ने मामले की जांच के लिए क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (लखनऊ) के नेतृत्व में एक टीम मौके पर भेजी थी, जिसकी रिपोर्ट मिल चुकी है।

श्री रमेश ने समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव और कांग्रेस के राजा रामपाल के पूरक प्रश्नों के जवाब में कहा कि इन पेडों की कटाई के लिए राज्य सरकार ने जरूरी मंजूरी नहीं ली है। मंत्रालय ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिख कर उससे जवाब तलब किया है। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि पेड़ों की कटाई की मंजूरी देते समय वन अधिकार कानून और वन संरक्षण कानून के प्रावधानों के पालन का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

पर्यावरण एवं वनमंत्री ने कहा कि राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों ने तदर्थ अनिवार्य वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) में इस साल 30 जून तक 9,932 करोड़ 12 लाख रुपए जमा कराए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वनों के संरक्षण और विकास के लिए इस प्राधिकरण से गुजरात को 25 करोड़ और उत्तर प्रदेश को 47 करोड़ रुपए की राशि जल्दी ही जारी कर दी जाएगी।

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  • Web Title:मायावती सरकार से पेड़ों की कटाई पर जवाब मांगा