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चुनाव में प्रेस परिषद के दिशा निर्देश की हुई अवहेलना

जन आन्दोलनो के राष्ट्रीय समन्वय नामक स्वयं सेवी संगठन ने उन समाचार पत्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जो चुनाव में विज्ञान के स्थान पर प्रायोजित समाचार देते हैं।  संगठन ने 15वीं लोकसभा चुनाव के दौरान कुछ अखबारों के अध्ययन के आधार पर सोमवार देर शाम यहां आयोजित संगोष्ठी में कहा कि चुनाव के दौरान प्रेस कौंसिल आफ इंडिया के 1996 में दिए दिशा निर्देशों का कडाई से पालन किया जाना चाहिए।
 

संगठन का मानना है कि चुनाव आयोग जिस तरह अन्य चुनाव खर्चे पर पैनी नजर रखता है उसी तरह समाचार पत्रों में छप रहे विज्ञापनों या प्रायोजित समाचारों के खर्चे का हिसाब किताब भी लेना चाहिए। राजनीतिक दलों द्वारा खर्च किया गया पैसा भी उम्मीदवारों के खातेमें जुड़ना चाहिए। राजनीतिक दलों पर उम्मीदवारों की तरह चुनाव प्रचार में खर्च पर या तो सीमा तय होनी चाहिए अन्यथा उनके खर्चे को सभी उम्मीदवारों में बराबर बराबर बांट दिया जाना चाहिए।

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