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14 वर्षो से कैद बंदियों की रिहाई मामले की जांच होगी

प्रदेश में सुखाड़ की भयावह स्थिति पर विधानसभा में चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने माले के कार्य स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकृत करते हुए सदन में यह घोषणा की। इसके पूर्व माले के सदस्यों ने इस मुद्दे पर विधानसभा परिसर में नारेबाजी की और तख्तियां ले प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि सुखाड़ से बचाव वाली सरकार की योजनाओं का लाभ बटाइदारों को नहीं मिल रहा है।

विधानसभा की प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति सूबे की जेलों में 14 वर्षो से कैद बंदियों की रिहाई मामले की जांच करेगी। ध्यानार्षण सूचना के माध्यम से भाजपा के रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में बंदियों की रिहाई के लिए कोई उम्र सीमा तय नहीं है। किसी कैदी को 45 वर्ष की उम्र में छोड़ दिया जाता है तो 16 वर्षो से जेल में बन्द 56 वर्ष की कैदी को नहीं छोड़ा जाता। ऐसे अनेक कैदी जेलों में बन्द हैं जिनकी स्वास्थ्य की स्थिति चिन्ताजनक है पर कम उम्र बताकर उनकी रिहाई नहीं की जा रही। Þाी प्रसाद ने कहा कि बिहार राज्य दण्डादेश पर्षद कैदियों की रिहाई मामले में मनमानी कर रहा है।


भाजपा के प्रमोद कुमार ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से कहा कि मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र किराये के भवन में रहते हैं और उनके छात्रावासों पर सीआरपीएफ कब्जा जमाये हुए है। इससे छात्र काफी परेशान है। जवाब में विज्ञान एवं प्रावधिकी मंत्री शाहिद अली खां ने कहा कि सीआरपीएफ के जवानों को वहां से हटाया जाएगा पर वे समय सीमा तय नहीं कर पाये। इसपर भाजपा विधायक ने आपत्ति व्यक्त की। निर्दलीय लालबाबू राय के तारांकित प्रश्न के जवाब में पर्यावरण एवं वन मंत्री रामजी षिदेव ने स्वीकार किया कि पर्यारण शिक्षा के प्रति जागरुकता पैदा करने के लिए मात्र 730 स्कूलों में ही इको क्लब की राशि दी जा रही है।  हालांकि उन्होंने बताया कि 9500 स्कूलों के लक्ष्य के विरुद्ध 8770 स्कूलों में इको क्लब की स्थापना की जा चुकी हैं। पर्यावरण के प्रति बच्चों को संवेदनशील बनाने के लिए नेशनल ग्रीन कोर कार्यक्रम के तहत प्रति स्कूल 2500 रुपए देने का प्रावधान है। वर्ष 2001 से यह योजना चालू है।

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