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390 प्रारंभिक स्कूलों के सरकारी नहीं बनने की समीक्षा होगी

सरकार वर्ष 1980 में सरकारी विद्यालय होने से बचे गये 390 प्रारंभिक स्कूलों के मामले की समीक्षा करेगी। यह जांच होगी कि किन परिस्थितियों में इन 390 स्कूलों का सरकारीकरण नहीं हो सका। मानव संसाधन विकास मंत्री हरिनारायण सिंह ने भाजपा के सत्यदेव नारायण आर्य के ध्यानाकर्षण सूचना के जवाब में विधानसभा में यह घोषणा की। Þाी सिंह ने पहले तो इस तरह की किसी भी सूचना होने से इंकार किया। पर जब Þाी आर्य ने स्कूलों के सरकारीकरण के पक्ष में महाधिवक्ता की राय और जांच समिति के प्रतिवेदनों को सदन के समक्ष रखने की बात कही तो मंत्री ने समीक्षा की बात स्वीकारी।


आर्य ने कहा कि वर्ष 1980 में जिला शिक्षा पदाधिकारियों की अनुशंसा पर 500 अराजकीय प्रारंभिक विद्यालयों को सरकारीकरण करने का प्रस्ताव शिक्षा निदेशालय को भेजा गया। इसमें 110 विद्यालयों के शिक्षकों को सरकारीकरण का लाभ मिलने लगा पर 390 विद्यायलों को इससे वंचित कर दिया गया। इस संबंध में पिछले वर्ष 5 अगस्त को मानव संसाधन विकास मंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई पर कोई निर्णय नहीं हो सका। सरकार के इस अनिर्णय वाले स्थिति के कारण इन स्कूलों मे हजार से ऊपर कार्यरत शिक्षक दाने-दाने के मुंहताज हैं। निर्दलीय किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि वर्ष 1973 के एक आदेश से 55 हजार प्रारंभिक स्कूलों का राजकीयकरण कर दिया गया। उसी सूची से ये 390 स्कूल वंचित रह गये हैं।

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