अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

किन्नरों ने भी किया समलैंगिकता का विरोध

समलैंगिकता को लेकर देश में कई स्तर पर हो रहे विरोध के बीच किन्नरों ने भी इसे गलत बताया है और कहा है कि इससे उनके व्यवसाय पर असर पड़ेगा।
 
किन्नरों का मानना है कि इससे भारत की संस्कृति और परम्परा नष्ट हो जाएगी। किन्नरों के यहां सोमवार को खत्म हुए दस दिन के महासम्मेलन की संयोजक पूजा किन्नर ने मंगलवार को कहा कि केन्द्र को यह प्रस्ताव भेजा जाएगा कि समलैंगिकता को स्वीकार करने के लिए वह किसी संगठन के दबाव में नहीं आए। उन्होंनें कहा कि कुछ स्वयंसेवी संगठन भारतीय दंड विधान की धारा 377 को खत्म करने के लिए केन्द्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
 
उन्होंने कहा कि किन्नरों की आजीविका किसी परिवार में बच्चे के जन्म के बाद नाच गा कर चलती है। उन्होंनें सवाल उठाया कि यदि समलैंगिकता को मान्यता मिल गई तो बच्चे कहां से पैदा होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि समलैंगिकता को मंजूरी देने से समाज में अराजकता भी फैलेगी। एक अन्य किन्नर आची ने कहा कि यदि सरकार ने इसे मंजूरी दी तो उनके समाज के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है।
 
पूजा ने कहा कि सम्मेलन में किन्नरों से राजनीति में ज्यादा से ज्यादा भाग लेने का भी प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंनें कहा कि किन्नरों ने पूरे देश में विधानसभा तथा अन्य चुनाव में भाग लेने का निर्णय लिया है। सम्मेलन में राजस्थान, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्यप्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र,उड़ीसा और उत्तर प्रदेश की किन्नरों ने हिस्सा लिया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:किन्नरों ने भी किया समलैंगिकता का विरोध