अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

यौन शिक्षा के लिए तैयार किए जा रहे है 2250 शिक्षक

किशोरावस्था में आने वाले परिवर्तनों के बारे से जुड़ी तमाम जानकारियां अब स्कूली छात्र-छात्राओं जल्द को दी जाएगी। इसके लिए राज्य शौक्षिक अनुंसधान प्रशिक्षण परिषद ने प्रदेश के सभी जिलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की योजना तैयार की है। हालांकि, पहले ही जिला स्तर पर पांच-पांच शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है

एसीईआरटी की योजना, पहले चरण में प्रदेश भर में 2250 शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की है। ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों ने क्या कुछ सीखा, इसके लिए भी उन्हें टेस्ट के दौर से गुजरना होगा। विभिन्न प्रदेशों में स्कूलों में सेक्स एजुकेशन को लेकर सामाजिक संगठनों के विरोध को देखते हुए नाको ने इसे अब स्किल डवलेपमेंट का नाम दे दिया है।
शिक्षा विभाग ने सीनियर सेकेंडरी स्कूलों दो साल से सेक्स एजुकेशन पर गंभीरता से विचार कर रही है। लेकिन, इस दिशा में कोई पहल नहीं हो सकी है। सेक्स एजुकेशन में जहां शिक्षकों को झिझक आती है, वहीं छात्र-छात्राएं भी इसमें शर्म महसूस करते हैं। सेक्स एजुकेशन को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में बवाल को देखते हुए नाको(नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गनाइजेशन) ने इसका नाम बदलकर किशोरावस्था में कौशल विकास के नाम से छात्रों को एड़स, शारिरिक विकास, ड्रंग और मानसिक विकास के बारे में शिक्षण देने की योजना बनाई है। इसके लिए एससीईआरटी में प्रत्येक जिलों से पांच-पांच टीचरों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

एससीईआरटी में जनसंख्या और शिक्षा प्रबंध की हेड ज्ञानवती ने हिन्दुस्तान को बताया कि हमारा लक्ष्य सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 2250 टीचरों को प्रशिक्षण देने की है। इसके लिए जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों पर जल्द ही प्रशिक्षण कार्य शुरू किया जएगा। इसमें ब्यॉयज और गल्र्स स्कूल से एक-एक टीचर और को शिक्षा वाले स्कूल से एक-एक महिला-पुरूष शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ज्ञानवती ने बताया कि अगले साथ तक हाई स्कूल के शिक्षकों को ट्रेनिंग देने की योजना है। प्रशिक्षण लेने और बाद शिक्षकों का टेस्ट लिया जएगा ताकि इनके मेंडल आई क्यू की जंच की ज सके। उन्होंने बताया कि अक्सर किशोरावस्था में बच्चों में शारिरिक भांतिया आ जती है। जनकारी के अभाव में वे गलत आदत का शिकार हो जते है। इसे देखते हुए विद्यार्थियों को एड्स , उनके शारीर में आने वाले बदलाव, ड्रंग से होनवाले नुकशान और मानसिक विकास के बारे में जनकारी दी ज रही है। प्रशिक्षण के बाद ये टीचर स्कूलों में बच्चों को उनके जिग्रासा को दूर करेंगे। गुड़गांव। सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में विद्याथिर्यों को किशोरावस्था में आने वाले बदलाव के बारे में गुड़गांव व सोहना के शिक्षकों को 20 से 24 जुलाई तक, हाईस्कूल के लिए 27 से 31 जुलाई तक,सीनियर सेकेंडरी व हाई स्कूल पटौदी और फरूखनगर के लिए 17 से 21 अगस्त तक डाईट में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:यौन शिक्षा के लिए तैयार हो रहे है 2250 शिक्षक