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ब्याज दरों में एक प्रतिशत तक की वृद्धि संभव

ब्याज दरों में एक प्रतिशत तक की वृद्धि संभव

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन ओपी भटट ने कहा है कि यदि आगामी महीनों में देश में नकदी की स्थिति कड़ी होती है, तो ब्याज दरों में एक प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।

 
उद्योग संगठन फिक्की द्वारा आयोजित एक बैंकिंग सम्मेलन के दौरान भटट ने कहा कि तरलता की वर्तमान स्थिति और सरकार के उधारी कार्यक्रम के मद्देनजर ब्याज दरों में वृद्धि का दबाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि व्यस्त सीजन में यदि नकदी का सही तरीके से प्रबंधन नहीं किया जाता है तो ब्याज दरों में 0.25 से एक प्रतिशत की बढ़ोतरी की गुंजाइश है। भारत का व्यस्त उधारी सत्र अक्तूबर से शुरू होकर मार्च तक चलता है।

भटट ने कहा कि सरकार का उधारी कार्यक्रम अभी शुरू होना है। ब्याज दरों का रुख इसी के आधार पर तय होगा। बजट अनुमान के अनुसार, सरकार को इस साल 3,97,957.47 करोड़ रुपये का ऋण लेना है, जिसके चलते राजकोषीय घाटा जीडीपी के 6.8 प्रतिशत तक पहुंच जाने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि इस समय देश के बैंकिंग तंत्र के पास काफी नकदी है। एसबीआई प्रमुख ने कहा कि इस समय नकदी इतनी ज्यादा है कि विभिन्न बैंकों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास एक लाख करोड़ रुपये रखे हुए हैं।

भटट ने कहा कि यदि नकदी का प्रबंधन इस तरीके से किया जता है कि तंत्र में सरप्लस नकदी बची रहे, तब ब्याज दरों में बेहद मामूली या बिल्कुल भी बढ़ोतरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि नकदी का प्रबंधन सही तरीके से नहीं होता है, तो इससे बैंक से धन की मांग बढ़ेगी और निश्चित रूप से ब्याज दरों में इजाफा होगा।

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