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स्थानीय पुलिस को सूचना होती तो शायद बच जाती करन की जाती।

शहर के 13 साल के बच्चे के अपहरण के बाद फिरौती दे दिए जाने के बावजूद उसकी हत्या हो जाने के मामले में पुलिस अब भी अंधेरे में ही हाथ पांव मार रही है और उसे इस मामले में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है ।

अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है जबकि इस मामले की जांच कानपुर पुलिस के साथ-साथ स्पेशल टॉक्स फोर्स (एसटीएफ) भी कर रही है ।

कानपुर की डीआईजी नीरा रावत ने आज भाषा को बताया कि इस मामले की जांच के लिये एसपीसिटी धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों की एक टीम बना दी गयी है जिसकी मदद के लिये विशेष कार्य समूह को भी लगा दिया गया है । उन्होंने बताया कि अभी इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

दूसरी ओर पुलिस सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ ने इस अपहरण और हत्या के मामले में पूछताछ के लिये कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे किसी अत्रात स्थान पर पूछताछ चल रही है ।

शहर के किदवईनगर के ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले व्यापारी पवन महेश्वरी के 13 वर्षीय पुत्र करन महेश्वरी की अपहरण के बाद दो लाख रुपये की फिरौती चुकाये जाने के बावजूद हत्या कर दी गई । इससे यह बात साफ हो गयी है कि अगर अपहरण के दिन ही घर वालों ने स्थानीय पुलिस पर विश्वास कर उसे सूचना दे दी होती या फिर मामले की जांच कर रही एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के बीच तालमेल होता तो शायद करन की जान बच जाती ।

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  • Web Title:स्थानीय पुलिस को सूचना होती तो बच जाता करन।