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सरकारी खर्च से अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत: मोंटेक

सरकारी खर्च से अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत: मोंटेक

योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में उंचे राजकोषीय घाटे का यह कह कर बचाव किया कि सरकारी खर्च बढ़ने से आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009-10 के बजट में वित्तमंत्री ने सकल घरेलू उत्पाद के 6.8 प्रतिशत के बराबर राजकोषीय घाटा होने का अनुमान लगाया है और इसके कारण सरकार को वर्ष के दौरान बाजार से चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लेना पड़ सकता है।

अहलुवालिया ने कहा कि लोग बजट में बड़ा घाटे का जोखिम उठाने को लेकर सवाल कर रहे हैं। हम पूरी दम के साथ कहते हैं कि हमें आर्थिक उत्प्रेरण के रूप में इस तरह के खर्च की जरूरत है क्योंकि इस समय दुनिया के हालात बहुत खराब हैं। उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे का मुद्दा अहम है। योजना आयोग में मैं उन लोगों में था जो इस इस प्रकार के अतिरिक्त व्यय को उत्प्रेरक की वकालत कर रहे थे। मैं वित्तमंत्री को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इस बात को मान दिया।

राजकोषीय घाटे के कारण बाजार में निजी क्षेत्र के लिए निवेश ऋण की कमी होने की आशंकाओं के बारे में पूछे जाने पर अहलुवालिया ने कहा कि 6.8 प्रतिशत के घाटे का जोखिम उठाने का मौलिक तर्क है कि इस वर्ष निजी क्षेत्र से कोई खास उम्मीद नहीं है। अगर ऐसी उम्मीद होती तो इसकी जरूरत ही नहीं थी।

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