DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

200 साल पहले बनी थी फ्रेंच फ्राई

200 साल पहले  बनी थी फ्रेंच फ्राई

कुछ सालों से भारतीयों की जुबान पर चढ़ा फ्रेंच फ्राई का स्वाद लगभग 200 सालों से विश्व के कई देशों को दीवाना बनाए हुए है। फ्रेंच फ्राई के दीवानों को यह जानकारी नहीं होगी कि चिप्स को फ्रेंच फ्राई तक पहुंचाने में लाखों डॉलर खर्च हुए हैं और इसी का परिणाम है कि अब यह युवाओं की पसंदीदा डिश बनी हुई है।

कुछ सालों से भारतीयों की जुबान पर चढ़ा फ्रेंच फ्राई का स्वाद लगभग 200 सालों से विश्व के कई देशों को दीवाना बनाए हुए है। फ्रेंच फ्राई के दीवानों को इस बात की जानकारी नहीं होगी कि आलू के साधारण चिप्स को फ्रेंच फ्राई तक का सफर तय कराने में लाखों डॉलर खर्च हुए हैं और इसी का परिणाम है कि अब यह युवाओं की पसंदीदा डिश बनी हुई है।

दिल्ली में अमर बेकरी आउटलेट संचालक रोहित खुराना बताते हैं कि प्रतिदिन आउटलेट पर आने वाले लगभग 70 फीसदी उपभोक्ता फ्रेंच फ्राई की मांग जरूर करते हैं। खुराना कहते हैं कि इनमें बड़ी संख्या युवाओं की होती है जो दोस्तों को ट्रीट देने के नाम पर उन्हें अपेक्षाकृत कम दामों में मिलने वाले फ्रेंच फ्राई खिलाना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।

फ्रेंच फ्राई का स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक की जुबान पर चढ़ा हुआ है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रेंच फ्राई का बहुत ज्यादा सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। डायटीशियन अंजुम कौसर ने बताया कि आलू जैसे कार्बोहाइड्रट संपन्न पदार्थ को फ्रेंच फ्राई के रूप में ज्यादा तलने से उसमें कैंसर जनित रासायनिक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। कौसर ने बताया कि फ्रेंच फ्राई का बच्चों में बेतहाशा उपभोग उनमें मोटापा बढ़ाने के साथ डायबिटीज भी पैदा कर सकता है।

कम ही लोग इस बात से परिचित होंगे कि मैकडोनल्ड ने फ्रेंच फ्राई को परफेक्ट रूप देने के लिए एक शोध प्रयोगशाला की स्थापना की और उसमें लगभग 10 सालों तक गहन शोध किया। दुनिया को बेहतरीन फ्रेंच फ्राई देने की धुन की पक्की कंपनी ने इस काम में लाखों डॉलर की राशि खर्च की। प्रयोगशाला में एक कंप्यूटर रखा गया, जो आलू उबाले जाने वाले तेल के तापमान को नियंत्रित रखता था और फ्राइज के समूह के सही पकने पर ऑपरेटर को सूचना देता था।

इस गहन अध्ययन के परिणामस्वरूप ही दुनिया फ्रेंच फ्राई के मजेदार स्वाद से परिचित हो सकी। कंपनी 13 जुलाई को परफेक्ट फ्रेंच फ्राई बनाने में सफल हुई, जिसके बाद से इस दिन को फ्रेंच फ्राई दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। वर्तमान में अमेरिकी बाजार में उपलब्ध आलू के एक चौथाई से भी ज्यादा हिस्से को फ्रेंच फ्राई बनाने में उपयोग किया जाता है।

आम धारणा है कि फ्रेंच फ्राई का जनक देश फ्रांस है, लेकिन दुनिया को फ्रेंच फ्राई की सौगात देने वाला देश बेल्जियम है। माना जाता है कि बेल्जियम में फ्रेंच फ्राई सबसे पहले 1802 में चलन में आयी। बेल्जियम में इनकी दीवानगी का आलम यह है कि इन्हें देश में राष्ट्रीय खजाना माना जाता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:200 साल पहले बनी थी फ्रेंच फ्राई