अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सैन्य अदालत ने आज्ञालंघन पर महिला अधिकारी को बर्खास्त किया

सैन्य अदालत ने आज्ञालंघन पर महिला अधिकारी को बर्खास्त किया

सेना की एक अदालत ने गलत तरीके से अपने तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला अधिकारी पर आज्ञालंघन आरोप तय करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया। अदालत ने शुक्रवार को दिए अपने आदेश में सेना की आपूर्ति कोर में तैनात कैप्टन पूनम कौर को गलत आरोप लगाने और मीडिया में सूचना लीक करने का दोषी भी करार दिया।

सेना में कोर्ट मार्शल से पहले होने वाली कोर्ट आफ इंक्वायरी के दौरान पूनम के वकील एसके अग्रवाल ने कहा कि कोर्ट आफ इंक्वायरी के दौरान सुनवाई में कई खामियां रही हैं। इस दौरान पूनम द्वारा अपने वरिष्ठों के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न की भी जांच नहीं की गई। जांच की जगह उन्होंने कोर्ट मार्शल शुरू कर दिया और पूनम को दोषी करार दे दिया।

कालका सैन्य केंद्र में तैनात पूनम कौर ने जुलाई 2क्क्8 में मीडिया के समक्ष ये आरोप लगाए थे। उसने यह भी आरोप लगाया था कि सेना ने उसे नजरबंद कर दिया था। सेना ने तत्काल पूनम के आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि वह पहले भी कई आरोप लगा चुकी है और उसके मानसिक रूप से कमजोर होने की बात उसके कार्यालय के प्रोफाइल में दर्ज है।

इस मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने सेना को पूनम कौर के मानसिक और शारीरिक यातना के आरोपों की जंच करने का आदेश दिया था। पूनम के वकील अग्रवाल ने कहा कि उसने कभी भी मीडिया से बात नहीं की। उल्लेखनीय है कि कोर्ट आफ इंक्वायरी शुरू होने के दौरान पूनम पर 21 आरोप लगाए थे जिसमें से 11 आरोप बाद में हटा लिए गए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सैन्य अदालत ने आज्ञालंघन पर महिला अधिकारी को बर्खास्त किया