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जमीन के बदले नौकरी देने का आरोप ङोल रहे पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद पर अब रेलवे में चतुर्थवर्गीय कर्मियों की बहाली में गड़बड़ी को लेकर भी अंगुली उठने लगी है। जदयू ने रेलमंत्री ममता बनर्जी को इस बाबत पत्र लिखकर लालू के रेलमंत्रित्व काल में हुई सभी बहालियों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

शनिवार को जदयू के विधान पार्षद संजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि लालू प्रसाद ने अपना कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले बगैर विज्ञापन प्रकाशित किये ही ट्रैक मैन और खलासियों की नियुक्ित कर दी। इसमें आरक्षण नियमों का भी ध्यान नहीं रखा गया। पूवरेत्तर रेलवे के दस्तावेजों के हवाले से सिंह ने दावा किया कि अगर लालू के कार्यकाल में हुई नियुक्ितयों की सीबीआई से जांच करा ली जाए तो देश में अबतक के सबसे बड़े नियुक्ित घोटाले का पर्दाफाश हो जायेगा। राजद अध्यक्ष ने लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर में ट्रैक मैन और खलासी के पद पर जिन 216 लोगों को बहाल किया, उसमें से डेढ़ सौ उम्मीदवार एक ही जाति विशेष के हैं।

इनमें भी 22 तो सिर्फ लालू प्रसाद की ससुराल फुलवरिया के निवासी हैं। दूसरी तरफ मात्र छह अल्पसंख्यकों को बहाल किया गया जबकि एससी और एसटी का एक भी उम्मीदवार नहीं है। बहाल हुए उम्मीदवारों में सबसे अधिक छपरा, गोपालगंज और वैशाली के हैं।

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  • Web Title:ट्रैक मैन की बहाली में लालू पर उठी अंगुली