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सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश

उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने राज्य में पहली बार किसी सचिव स्तर के अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश राज्य के मुख्य सचिव को दिए हैं।

सूचना आयुक्त त्रानेन्द्र शर्मा ने ये आदेश एक मामले की सुनवाई के बाद दिया। इसमें उन्होंने उद्यम विभाग की सचिव सुनंदा प्रसाद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को लेकर प्रमुख सचिव को आदेश दिया है।

सूचना आयोग ने सुनंदा प्रसाद को सूचना का अधिकार अधिनियम के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करने , प्रथम अपीलीय अधिकारी के अपने दायित्वों का निर्वाहन करने के प्रति लापरवाही बरतने और कानून में किए तत्संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाया है।

वादी राजेश्वर प्रसाद ने 21 जनवरी 2007 को सार्वजनिक उद्यम विभाग के जन सूचना अधिकारी को एक पत्र देकर विभाग में तैनात एक महिला अधिकारी की नियुक्ति और उसके वेतनमान से संबंधित जानकारी मांगी थी , सूचना अधिकारी सूचना उपलब्ध कराने के लिए सचिव सुनंदा प्रसाद को पत्र लिखा था , जिसके जवाब में सुनंदा प्रसाद ने लिखा कि कोई ऐसा व्यक्ति जिसका न तो विभाग से और न ही सरकार से कोई संबंध हो, क्या ऐसा व्यक्ति किसी कार्यरत अधिकारी के बारे में व्यक्तिगत विवरण मांग सकता है।

उनके इस जवाब से सूचना आयोग ने हैरानी जताई और कहा कि कोई भी व्यक्ति इस कानून के तहत लोक प्राधिकारियों से सूचना की मांग कर सकता है।

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