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सरकार की खरी-खरी से फिर ढहे शेयर बाजार

सरकार की खरी-खरी से फिर ढहे शेयर बाजार

सरकार की साफगोई, विदेशी संस्थागत निवेशकों की जबरदस्त बिकवाली और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की धुंधली तस्वीर के बीच बंबई शेयर बाजार का सूचकांक सेंसेक्स 401 अंक ढ़हते हुए लगभग डेढ़ माह के बाद 14 हजार अंकों के भावनात्मक स्तर और नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी चार हजार एक सौ के जादुई आंकडे से नीचे चला गया।

बीएसई में सुबह कारोबार की शुरूआत में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बिकवाली का दबाव बना दिया। बाजार की शुरुआत नकारात्मक रही और फिर पूरे कारोबार के दौरान इसमें गिरावट का रुख बना रहा। बीएसई में कारोबार 14039.15 अंक से शुरू हुआ जोकि सत्र में के दौरान उच्चतम स्तर भी रहा। सेंसेक्स 13701.76 अंक के न्यूनतम स्तर तक गया। हालांकि इसमें बाद में सुधार हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 401.30 अर्थात 2.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ लगभग 50 दिन के बाद 13769.15 अंक पर बंद हुआ। यह इस वर्ष 21 मई को 14736 अंक पर बंद हुआ था। पिछले कारोबारी दिवस में बीएसई का कारोबार 14170.45 अंक पर बंद हुआ था।

नेशनल स्टाक एक्सचेंज में भी कारोबार नीचे में शुरू हुआ। यह 4201.85 अंक से शुरू हुआ और सत्र के दौरान यह उच्चतम स्तर बना रहा। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 4061.10 अंक के निचले स्तर को छुआ। कारोबार के अंत तक निफ्टी में 123.25 अंक अर्थात 2.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 4078.90 अंक पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी दिवस में निफ्टी 4202.15 अंक पर रहा था।

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने साफ कहा है कि कापरेरेट जगत की परेशानियों को एक बजट में दूर नहीं किया जा सकता। सरकार को अपना वित्तीय घाटा पूरा करने के लिए बाजार से लगभग चार लाख करोड़ रूपए जुटाने होंगे। जानकारों का कहना है कि इससे निजी पूंजी बाजार की तरलता में कमी आएगी और निवेश घटेगा। इससे विदेशी संस्थागत निवेशकों ने जमकर बिकवाली की और इसका असर घरेलू निवेशको पर भी पड़ा।

अमेरिका में दूसरे राहत पैकेज की जरूरत बताई जा रही है। इससे यूरोपीय और एशियाई शेयर बाजार नकारात्मक रहे। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.2 प्रतिशत और यूरोप का यूरोएफटीएसईफस्र्ट 0.5 प्रतिशत नीचे में रहा। जापान की निक्की 2.4 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसैंग 0.8 प्रतिशत की गिरावट में रहे। आस्ट्रेलिया का आस्सी 1.0 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

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