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ट्रेड लाइसेंस के लिए अब एनओसी की जरूतत नहीं

ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए अब मकान मालिकों के एनओसी की जरूतत नहीं होगी लेकिन इसके लिए किरायदारों को दस्तावेजी सबूत देने होंगे। लाइसेंस भी एक साल के बजाय तीन साल के लिए मिलेगा ताकि कारोबारियों को हर साल लाइसेंस नवीनीकरण के लिए चक्कर न लगाने पड़ें। यह प्रस्ताव बुधवार को स्थायी समिति में लाया जाना तय है। समझ जाता है कि ऑन लाइन  लाइसेंस की प्रक्रिया को भी सितंबर तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा।


पुरानी दिल्ली के अधिकांश कारोबारी मकान मालिक से एनओसी लेने की शर्त की चलते ट्रेड लाइसेंस नहीं ले पाते क्योंकि किरायदार व मालिक मालिक के बीच कोर्ट केस चल रहे हैं। इससे यहां के कारोबारियों को इंस्पेक्टर राज से रूबरू होना पड़ता है और निगम को खासा चूना लगता है। इससे निजात पाने के लिए एमसीडी ने कारोबारियों को एनओसी की शर्त से राहत देने का फैसला लिया है। निगम कानून की धारा 417 के तहत फिलहाल मकान मालिक से एनओसी लेना जरूरी है।


प्रस्ताव के मुताबिक, अब ट्रेड लाइसेंस के लिए मकान मालिक से एनओसी नहीं लेनी पड़ेगी लेकिन किराया अनुबंध या किराए की रसीद जैसे दस्तावेजी सबूत देने होंगे जिससे ये साबित हो कि संपत्ति व्यापारिक व भंडारण के मकसद के लिए किराए पर दी है। जहां मामला संपत्ति को लेकर कोर्ट में चल रहा होगा तो उसमें निगम की जबावदेही नहीं होगी और बगैर एनओसी लाइसेंस लेने पर पूरी जिम्मेदारी किराएदार की होगी। अगर कारोबार बंद हो जाता है तो लाइसेंस स्वयं रद्द हो जाएगा। इसके साथ ही लाइसेंस की अवधि भी एक साल के बजाय तीन साल के लिए बढाई जा रही है ताकि कारोबारी हर साल लाइसेंस नवीनीकरण कराने से बच सके। जहां लाइसेंस सालाना मंजूरी के आधार पर हैं वहां लाइसेंस तीन साल के लिए नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।

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