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सेना में समलैंगिकता नीति की समीक्षा हो : पावेल

अमेरिकी सेना के पूर्व प्रमुख कोलिन पावेल ने कहा है कि समलैंगिकों के प्रति अमेरिकीयों के दृष्टिकोण में अब परिवर्तन आ गया है और अब समय आ गया है कि सेना में काम कर रहे समलैंगिकों की ‘पूछो मत और कहो मत’ नीति की समीक्षा की जाए।

जनरत पावेल ने कहा कि इससे संबंधित नीति और कानून वर्ष 1993 में लाया गया था। इस कानून में संशोधन करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि इस कानून को बने 16 वर्ष हो गए हैं और मैं समझता हूं कि हमारे देश के अंदर समलैंगिकों के प्रति काफी परिवर्तन तथा सम्मान आ गया है। इसलिए मेरा मानना है कि इस नीति और कानून में पुनर्समीक्षा होनी चाहिए।

इस बीच वर्तमान सेना प्रमुख एडमिरल माइकल मुलेन ने कहा कि सेना इस नीति में बदलाव होने तक इसे अमल में बनाए रखेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा भी इस नीति को बदले जाने के पक्ष में है। मुलेन ने कहा कि जब हम दो देशों में संघर्ष कर रहे हैं तो ऐसे समय में हमारी सेनाओं और उनके परिवारों पर काफी दबाव है।


ज्ञातव्य है कि ओबामा इस कानून में बदलाव के पक्ष में हैं। यह कानून समलैंगिक सैनिकों को खुले तौर पर अमेरिकी सेना में काम करने से रोकता है। उधर अमेरिका के रक्षामंत्री राबर्ट गेट्स ने सेना के वकील से कहा कि वह ऐसे रास्ते तलाश करें, जिससे इस कानून को और लचीला बनाया जा सके।

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