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आयकर छूट सीमा बढ़ी, कॉर्पोरेट कर पूर्ववत

आयकर छूट सीमा बढ़ी, कॉर्पोरेट कर पूर्ववत

आजादी के बाद पहली बार 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का सरकारी खर्च का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने औद्योगिक घरानों के कार्पोरेट करों में कोई रियायत नहीं दी, जबकि आयकर छूट सीमा में दस हजार रुपए की वृद्धि की गई।

मुखर्जी ने वर्ष 2009-10 का आम बजट पेश करते हुए बुजुर्गों की आयकर में कुछ अधिक छूट दी तथा उनके लिए आयकर छूट सीमा पंद्रह हजार रुपये बढ़ाई गई है। आम आदमी के नाम पर दोबारा सत्ता में आई मनमोहन सरकार अपनी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं के धन आवंटन में भारी वृद्धि की, जिसमें राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 39100 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है। यह पिछले वर्ष से करीब ढ़ाई गुना अधिक है।

महिला करदाताओं के लिए भी आम बजट में छूट का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि महिला करदाताओं के लिए यह छूट सीमा 10000 रुपये बढ़ाकर एक लाख 80 हजार से एक लाख 90 हजार और आय करदाताओं की अन्य सभी श्रेणियों के लिए 10 हजार रुपये बढ़ाकर एक लाख 50 हजार रुपये से एक लाख 60 हजार रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।

मुखर्जी ने कहा कि गंभीर रूप से अशक्त आश्रित व्यक्तियों के इलाज और भरण पोषण के संबंध में धारा-80 के अधीन कटौती को भी 75000 रुपये की वर्तमान सीमा से बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने का प्रस्ताव बजट में किया गया है। उन्होंने कहा कि वैयक्तिक आयकर पर 10 प्रतिशत का सरचार्ज समाप्त करके विभिन्न प्रत्यक्ष करों पर अधिभार को क्रमिक रूप से समाप्त करने का प्रस्ताव है।

सरकार आगामी चार वर्षों में कर ढांचे को सरल बनाने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग से भी सरल-2 नाम से सरल फार्म का आसान रूप इस्तेमाल करने को कहा गया है। एक अन्य घोषणा के तहत फ्रिंज बेनेफिट टैक्स समाप्त कर दिया गया। बहरहाल लाभ पर न्यूनतम आवंटन कर (मैट) की दर को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है, लेकिन मैट के आधार पर टैक्स के्रडिट को आगे बढ़ाने की सीमा मौजूदा सात वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दी गई है।

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अब वकीलों को भी सेवा कर के दायरे में ला खड़ा किया है। मुखर्जी ने लोकसभा में कहा, ‘‘मैं कानूनी सेवा सेवाओं को सेवा कर के दायरे में लाए जाने का प्रस्ताव करता हूं।’’  वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने प्राकृतिक गैस उत्पादकों को होने वाले फायदे में कर छूट की सीमा बढ़ा दी है।

वर्ष 2009-10 का आम बजट पेश करते हुए मुखर्जी ने सोमवार को लोकसभा में यह घोषणा की। ज्ञात हो कि पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय पिछले एक साल से इस क्षेत्र में कर छूट दिए जाने की मांग कर रहा था।

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