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जैसी उम्र, वैसा खाना-पीना

जैसी उम्र, वैसा खाना-पीना

किशोरावस्था
किशोरावास्था में हरी सब्जियां अधिक खानी चाहिए। साथ में विटामिनों की भरपूर मात्रा लेनी चाहिए क्योंकि इस उम्र में हारमोनल परिवर्तन होते हैं। खासकर लड़िकयों को खानपान का विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस उम्र में जितनी कैल्शियम ली जाए वह जीवनभर हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। अनाज व पत्ते वाली सब्जियां खूब खानी चाहिए।

20-25 की उम्र में
इस उम्र में कई बार गलत संगत में पड़कर लोग एल्कोहल लेना शुरू कर देते हैं। एल्कोहल विटामिन बी और सी को नष्ट कर देती है और जो लोग एल्कोहल के साथ सब्जियां कम खाते हैं उनमें मानसिक तथा शारीरिक क्षमताएं प्रभावित होने लगती हैं। विटामिन बी से ऊर्जा मिलता है और बालों व त्वचा में निखार आता है। इसके अलावा तनाव दूर भगाने में मदद मिलती है।

26-35 की उम्र में
त्वचा सूख न हो और झुरियां न पड़े इसके लिए अधिक पानी पिएं और फल व सब्जियां भी खूब खाएं। खासकर महिलाओं को पत्ते वाली सब्जियां और विटामिन सी वाला खाना खाना पर्याप्त मात्रा में लेना चाहिए क्योंकि उन्हें गर्भ धारण करना पडता है। इस उम्र में कई बार तनाव घर कर जाता है जिसे विटामिन बी साइबेरियाई मिन्सेंग से दूर किया जा सकते है।

35 से 49 की उम्र में
बढम्ती उम्र के कारण पाचन तंत्र धीमा पडम् जाता है। इसलिए हल्का खाना खाने की कोशिश करें। गरिष्ठ और एक बार में अधिक भोजन कई बीमारियों को न्यौता देता है। शरीर में जल संतुलन और हारमोंस उत्पत्ति के लिए वसा की जरूरत होती है। यदि जो नॉनवेज खाते हैं तो मछली खाना अच्छा रहेगा अन्यथा वसा वाला भोजन करना चाहिए।

50 से ऊपर
साग व पत्ते वाली सब्जियों का अधिक सेवन बीमारियों से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता को बढता है। सब्जियों को उबालकर खाने से अकड़न दूर होती है। हरी सब्जियों से रक्त का संचार ठीक रहता है। अध्ययनों से यह भी पता चला है कि इसमें याद्दाश्त क्षमता बनाए रखने में मदद मिलती है। हील इंडिया द्वारा  हैदराबाद में आयोजित सेमिनार ‘द आर्ट ऑफ स्मॉर्ट स्नैकिंग’ में भी कहा गया कि अगर रोजमर्रा की जिंदगी में स्नैक्स के खान-पान पर ध्यान दिया जाए, तो स्वास्थय को बेहतर रखा जा सकता है।

प्रोफेशन के अनुसार खाना
यदि आप किसी कंपनी में एक्जक्यूटिव हैं और आप 30-40 के बीच के हैं, काम में इतना व्यस्त रहते  हैं कि चाह कर भी उचित भोजन नहीं कर पाते।

सुबह : 1 कप चाय, कम कैलोरी वाले बिस्कुट।
नाश्ता : दो ब्राउन ब्रेड की सैंडविच, एक प्लेट पोहा या उपमा या फिर हलुवा या एक रोटी, एक ग्लास ठंडा दूध या एक कप चाय या एक अंडा या एक कप अंकुरित दालें। नाश्ते के बाद : कोई भी एक फल
खाना दोपहर का : दो रोटी या 1.5 कटोरी चावल या एक कटोरी दाल, आधी कटोरी दही या 1.5 कटोरी सब्जी। शाम को चाय : 2-3 बिस्कुट, आधी कटोरी बगैर तला नाश्ता। रात का खाना : दो रोटी या 1.5 कटोरी चावल, आधी कटोरी दही, एक कटोरी दाल या फिर दो पीस नॉनवेज या एक कटोरी सब्जी।
ज्यादा देर कुर्सी पर बैठती हैं तो..

आप 20-25 के बीच की उम्र की हैं। ऑफिस में कुर्सी पर घंटों बैठना पडता है। पूरे दिन  कुछ-न-कुछ खाते रहने की आदत है। ऑफिस या घर छोटे होने की वजह से चलना-फिरना कम होता है। यदि घरेलू हैं तो दोपहर में सोने की आदत है। सुबह नाश्ता : एक कप चाय और 2 कम कैलोरी वाले बिस्कुट। खाने व नाश्ते के बीच में : कोई भी दो मौसमी फल। दोपहर को खाने में : दो रोटी, एक कटोरी दाल और दही, एक चम्मच तेल में पकी एक कटोरी सब्जी।रात को खाना : एक छोटी कटोरी चावल, एक कटोरी दाल या नॉनवेज, एक कटोरी सब्जी।

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