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वर्किंग वुमेन, सिंगल पर तन्हा नहीं!

वर्किंग वुमेन, सिंगल पर तन्हा नहीं!

आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। हर क्षेत्र चाहे-मीडिया, बैंक, विज्ञान आदि कुछ भी हो, हर तरफ महिलाओं का बोलबाला है इसीलिए अपने काम में तरक्की पाने के लिए महिलाएं अपने काम को शादी से ज्यादा तव्वजो दे रही हैं। महिलाओं में इस बदलाव का कारण यह भी है कि वह किसी पुरुष पर निर्भर नहीं होना चाहती और अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहती हैं। इसी वजह से महिलाएं 30-40 आयु के बाद ही शादी करने के बारे में सोचती हैं या फिर अकेले जीवन व्यतीत करने का फैसला करती हैं।

निशा, 35 जो एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती हैं का कहना हैं, ‘‘मैं अपने काम पर ध्यान देना चाहती हूं। जब तक मैं अपनी जॉब में पूरी तरह स्थापित नहीं हो जाती, मैं शादी नहीं करूंगी।’’ पब्लिक स्कूल में कार्यरत पुष्पा का कहना है शादीशुदा वर्किंग वुमेन को बहुत-सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्हें घर, परिवार, बच्चों के साथ-साथ अपने काम की जिम्मेदारियों को भी पूरा करना होता है। इस कारण महिलाएं अपनी स्वतंत्रता तथा आत्मविश्वास खो देती हैं।
वहीं दूसरी तरफ सिंगल वुमेन अपने काम पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दे पाती हैं। वह अपने जॉब को सही दिशा में प्लान करती है तथा अपने को काम के प्रति समर्पित कर देती है। फिल्म अभिनेत्री तब्बू का कहना है मैं ऐसा साथी चाहती हूं, जो मेरी जिंदगी को मेरे नजरिए से देखे और मेरे काम की इज्जत करें। ओडसी नृत्यांगना 36, का कहना है, 20 की उम्र में महिलाओं के लिए प्यार का मतलब है बाहर घूमना, अच्छा समय व्यतीत करना पर जैसे-जैसे आप 30 की उम्र तक पहुंचते हैं और आर्थिक रूप से मजबूत हो जाते हैं, तो आप लंबे समय तक चलने वाली दोस्ती को महत्व देते हैं।

महिलाएं आजकल स्वतंत्र विचार रखती हैं तथा आत्मनिर्भर हो गई हैं। वह जानती  हैं यह असल जिंदगी है जहां उनके लिए कोई प्रिंस चार्मिंग नहीं आएगा। इसीलिए वह अपने आपको जॉब में व्यस्त रखती हैं। जब तक उन्हें समझदार, मेच्योर जीवनसाथी नहीं मिल जाता।बहुत-सी शादीशुदा महिलाओं के लिए उनकी जॉब तलाक का कारण तक बन जाती हैं। शायद यह भी एक कारण है, महिलाएं जल्दी शादी करने से बचती हैं। मनोचिकित्सक सीमा हिगुररानी का कहना है, 16-26 वर्ष के बीच की महिलाएं रोमांटिक और स्वतंत्र विचारों  वाले पुरुष को महत्व देती हैं परंतु 30 पार करने के बाद उनकी इस सोच में बदलाव आ जाता है। वह एक ऐसा व्यक्ति चाहती हैं, जो उनके काम को समझे और उनकी भावनाओं को समझे। आजकल पुरुष भी अपने से ज्यादा उम्र की महिलाओं से शादी करने पर शर्म महसूस नहीं करते। उनका मानना है महिला की उम्र से ज्यादा उसका व्यवहार, समझदारी तथा व्यक्ितत्व महत्व रखता है। पुरुषों का मानना है कि यदि महिला आत्मनिर्भर होगी तो अपने फैसले खुद ले सकेगी। इससे शादीशुदा रिश्ते में तनाव भी पैदा नहीं होगा।     

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