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सुशील ने कहा, सतपाल हैं मेरे कोच

सुशील ने कहा, सतपाल हैं मेरे कोच

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता सुशील कुमार ने प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिये मची होड़ के बीच शनिवार को साफ किया कि उनके कोच एशियाई चैंपियन महाबली सतपाल हैं, जिन्होंने उन्हें 11 साल की उम्र से इस खेल का ककहरा सिखाया।

सुशील ने संवाददाताओं से औपचारिक बातचीत में कहा कि मेरे गुरु और कोच सतपाल हैं। मुझे कुश्ती के दांवपेंच शुरू से ही उन्होंने सिखाए और मैं आज उन्हीं की वजह से इस मुकाम तक पहुंचा हूं। इस बीच सतपाल ने अपने शिष्य का ओलंपिक पदक जीतना खुद के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार बताया। उन्होंने कहा कि द्रोणाचार्य पुरस्कार का फैसला सरकार को करना है लेकिन मुझे तो सबसे बड़ा पुरस्कार सुशील ने ओलंपिक पदक जीतकर दे दिया है।

एशियाई खेल 1982 में स्वर्ण पदक जीतने वाले सतपाल ने कहा कि मेरी शुरू से दिली ख्वाहिश रही थी कि मेरा कोई शिष्य ओलंपिक पदक जीते। सुशील को मैं पिछले 14-15 साल से छत्रसाल स्टेडियम में कुश्ती सिखा रहा हूं और अब भी मेरा उददेश्य ओलंपिक में देश को आगे बढ़ाना ही है।

सतपाल ने कहा कि मेरे पास अब भी 52 अंतरराष्ट्रीय पहलवान हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि सुशील अगले ओलंपिक में बीजिंग से भी बेहतर प्रदर्शन करेगा तथा मेरे कुछ और शिष्य भी मुझे ओलंपिक पदक के रूप में पुरस्कार देंगे। भारतीय कुश्ती महासंघ ने पिछले साल भी द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए सतपाल के नाम की सिफारिश की थी।

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