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व्यंजनों और ड्रिंक्स की जुगलबंदी

व्यंजनों और ड्रिंक्स की जुगलबंदी

फूड और ड्रिंक्स के सटीक तालमेल के बारे में लंबे अरसे से मैं एक बात गौर करता आ रहा था। दिल्ली के करीम होटल या फिर जवाहर होटल में मैं जब भी नॉनवेज नाइट आउट के लिए जाता तो देखता कि अधिकतर टेबल्स पर लोग भुने गोश्त या फिर मुर्ग मसल्लम के साथ कोल ड्रिंक मंगाते हैं। भारतीय हों या विदेशी मेहमान अधिकतर की मेजों पर चिकन करी या फिर मुगलई गोश्त के साथ कोल्ड ड्रिंक्स को रखा पाया। वह भी काले रंग की कोल्ड ड्रिंक्स। एक दिन जब मैं अपने एक मित्र के साथ भुने गोश्त की दावत पर एक होटल में गया तो उसने मटन बर्रा के साथ दो कोल्ड ड्रिंक ऑर्डर कीं। मैंने उत्सुकता से पूछा, ‘यार ये कोल्ड ड्रिंक किसलिए?’ वह बोला, ‘रोस्टिड या हैवी करी फूड के साथ कोल्ड ड्रिंक का कॉम्बिनेशन अच्छा होता है। इससे टेस्ट पर कोई फर्क नहीं पड़ता और हैवी फूड आसानी से पच जाता है।’ उस दिन पहली बार ट्राई किया तो लगा कि वाकई यह एक अच्छा नुस्खा है,  जो मुगलई फूड के साथ बरसों से अपनाया जा रहा है।

फलां फूड के साथ फलां ड्रिंक का कॉम्बिनेशन एक विश्वव्यापी ट्रेंड है, जिसके पीछे शेफ जमात के अपने-अपने तर्क हैं। देसी भारतीय फूड एवं ड्रिंक्स के साथ भी यह बात दिखती है। चाय के साथ नमकीन के तौर पर भुजिया, समोसे, पकौड़े या फिर फाफड़े खाने का अपना ही मजा है। इसी तरह लोग कॉफी के साथ कुछ लेना पसंद नहीं करते। गेंहू से बने कम मीठे के बिस्किट कुछ लोग कॉफी के साथ जरूर लेते दिखते हैं। अब कोई अगर आपके सामने कॉफी के साथ समोसे या फिर मिठाई रख दे, तो समझने में देर नहीं लगेगी कि वह मेहमान नवाजी में होश खो बैठा है। इसी तरह से बियर के साथ बिना मसाले की मूंगफली, केवल नमक वाले वेफर्स या फिर लाइट फ्राइड फिश अच्छी रहती है। पर ये चीजें वाइन के साथ नहीं चल सकतीं। वाइन के साथ चीज स्नैक्स या फिर सलामी स्नैक्स और नाचोज जैसे मसालेदार स्नैक्स ही बढिम्या रहते हैं। मारवाड़ी या राजस्थानी खाने के साथ गर्मियों में लस्सी के स्थान पर बूंदी वाला आम पन्ना एक अच्छा ड्रिंक है। लस्सी का मजा दक्षिण भारतीय व्यंजनों के साथ भी फिट नहीं बैठता। इन व्यंजनों के बाद लोग कॉफी पीना पसंद करते हैं। केरल में चलने वाली बांस की नौकाओं पर जो लोग छुट्टियां बिताने जाते हैं, उन्हें तेज मसाले वाली मछली के साथ वहां का एक देसी ड्रिंक दिया जाता है। सरल भाषा में आप इसे चावल से बनी देसी शराब कह सकते हैं। 

अब रुख करते हैं कुछ अंतर्राष्ट्रीय कुजीन की तरफ। इन दिनों सुशी की काफी चर्चा है। पर, दिल्ली में बेहद कम ऐसे रेस्तरां हैं, जो सुशी के साथ पिया जाने वाला पारंपरिक ड्रिंक सेक सर्व करते हैं। अक्सर लोग सुशी के साथ बियर या फिर वाइन लेते ही नजर आते हैं। सेक चावल से बनाया जाता है और इसकी थोड़ी-सी मात्रा से ही अच्छा खासा सुरूर चढ़ जाता है। थाई व्यंजनों के साथ फलों के जूस या फिर रेडीमेड स्क्वॉश पेश किए जाते हैं। नॉनवेज फूड के साथ बियर या किताची जैसे पारंपरिक ड्रिंक सर्व किए जाते हैं, जिनका  लैमनग्रास और मार्टिनी के साथ अच्छा तालमेल होता है। ओजो एक पारंपरिक ड्रिंक है, जो ज्यादातर ग्रीक फूड के साथ पेश किया जाता है। इसे खाने की शुरुआत में पीने से पाचन शक्ति बढ़ती है। फ्रांसीसी व्यंजनों के साथ केवल वाइन सर्व करने की ही परंपरा है। चाइनीज फूड के साथ लोग अल्कोहल ड्रिंक्स की जगह वहां की पारंपरिक चाय जैसे चाइनीज ग्रीन टी और बबल टी पीना ज्यादा पसंद करते हैं। तो अगली बार जब आप चिली गर्लिक नूडल्स खाएं तो उसके साथ बियर न पीकर चाइनीज ग्रीन टी आजमाकर देखें। हो सकता है कि आपको भी फूड के साथ ड्रिंक की एक नई जुगलबंदी का अहसास हो!

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