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टीम इंडिया को टॉप ऑर्डर से आस

टीम इंडिया को टॉप ऑर्डर से आस

पिछले मैच में शर्मनाक हार से आहत टीम इंडिया अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की आशा रखकर शुक्रवार को  वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे क्रिकेट मैच में उतरेगी। यह मैच सीरीज के परिणाम के लिहाज से दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। चार मैचों की इस सीरीज में यदि एक दो खिलाड़ियों के प्रदर्शन को छोड़ दिया जाए तो अमूमन भारतीय खिलाड़ियों ने लचर खेल ही दिखाया और महेंद्र सिंह धोनी की टीम के लिए अब वेस्टइंडीज को हराना बहुत बड़ी चुनौती होगी। अब जबकि सीरीज 1-1 से बराबरी पर है तब दोनों टीमें जीत दर्ज करके यह सुनिश्चित करना चाहेंगी कि वह सीरीज नहीं गंवा सकतीं।

पिछले महीने इंग्लैंड में टी-20 विश्व कप से जल्दी बाहर होने का दाग धोने के लिए बेताब भारतीय टीम अभी तक दोनों मैचों में आत्मविश्वास से परिपूर्ण नहीं दिखी और शॉर्ट पिच गेंद खेलने की कमजोरी उसे कचोट रही है। भारत पहले मैच में विशाल स्कोर के बावजूद बमुश्किल 20 रन से जीत दर्ज कर पाया, लेकिन दूसरे मैच में उसे आठ विकेट की करारी हार मिली जिससे निश्चित तौर पर कैरेबियाई टीम का मनोबल बढ़ा होगा। यह करारी हार धोनी के रणबांकुरों के लिए चेतावनी है जिन्होंने दो महीने पहले तक जीत पर जीत दर्ज की, लेकिन अचानक ही टीम बेहद दबाव में आ गयी है।

सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग जैसे स्टार खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में शीर्ष क्रम में मारक क्षमता की कमी दिख रही है तथा गौतम गंभीर की खराब फार्म ने रही सही कसर पूरी कर दी है। तमिलनाडु के विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक को गंभीर के साथ सलामी बल्लेबाज के रूप में आजमाया गया जिसके मिश्रित परिणाम रहे। उन्होंने पहले मैच में 67 रन बनाये लेकिन दूसरे मैच में केवल चार रन ही बना पाये और यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम प्रबंधन उन्हीं से पारी का आगाज करवाता है या किसी दूसरे का आजमाता है।

रोहित शर्मा की असफलता भी भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय है। इसके लिए यह युवा बल्लेबाज स्वयं जिम्मेदार है क्योंकि शॉट का उनका चयन सही नहीं है। कैरेबियाई गेंदबाजों ने भारतीयों की शॉर्ट पिच खेलने की कमजोरी का अच्छी तरह से फायदा उठाया है और बल्लेबाजों के पास अब इसका समाधान ढूंढने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है। धोनी ने स्वयं स्वीकार किया उनकी बल्लेबाजी अच्छी नहीं रही है और उन्होंने अपने साथियों से अधिक जिम्मेदारी दिखाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, ‘हमें पिछले मैच में गेंदबाजों को कुछ सम्मान देना चाहिए था। विकेट थोड़ा मुश्किल था और गेंद स्विंग ले रही थी। हम विकेट का अच्छी तरह से अनुमान नहीं लगा पाये और केवल अपने स्ट्रोक खेलने के लिए आमादा दिखे जिससे वास्तव में हम लड़खड़ा गये।’ धोनी ने कहा, ‘एक बार जब आप कई विकेट गंवा देते हैं तब आप केवल वापसी करने की कोशिश कर सकते हैं। आरपी सिंह और मैंने अच्छी साझेदारी की नहीं तो स्थिति और शर्मनाक होती।’

भारतीय बल्लेबाज काफी हद तक युवराज सिंह पर निर्भर है हालांकि पिछले मैच में धोनी ने 95 रन बनाये थे। युवराज जब लय में होते हैं तो गेंदबाजी को तहस नहस करने में कसर नहीं छोड़ते, लेकिन अब समय है जबकि चोटी के अन्य बल्लेबाज भी उनको सहयोग दें। यूसुफ के पास मनमाफिक शॉट खेलकर रन बटोरने की क्षमता है लेकिन वह विश्व कप और यहां पहले दो मैच में कुछ खास नहीं कर पाये।

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