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अमेरिकी सेना की तालिबान के खिलाफ कार्रवाई

अमेरिकी सेना की तालिबान के खिलाफ कार्रवाई

अफगानिस्तान के हेलमंड सूबे में गुरुवार तड़के चार हजार अमेरिकी सैनिकों की पहली इकाई ने तालिबानियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरु कर दिया। समाचार एजेंसी डीपीए ने वाशिंगटन पोस्ट के हवाले से खबर दी है कि सैनिकों ने अपने ठिकानों से हेलीकाप्टरों और बख्तरबंद गाड़ियों के जरिए तालिबान के कब्जे वाले हेलमंड और पड़ोसी जिलों की ओर बढ़ना शुरु कर दिया है।

अमेरिका ने पिछले दो महीनों में हेलमंड प्रांत में 8500 नौ सैनिकों को तैनात किया है। यह प्रांत तालिबान का गढ़ माना जाता है। अमेरिका का कहना है कि अगस्त में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए इन क्षेत्रों में आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। उधर एक स्थानीय तालिबान कमांडर ने दावा किया है कि एक अमेरिकी सैनिक को उसने बंधक बना लिया है।

दक्षिणी अफगानिस्तान में जारी अमेरिका के व्यापक सैन्य अभियान के मद्देनजर तालिबानी आतंकवादियों को फरार होने से रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना को अन्य स्थानों से हटाकर अफगान सीमा पर तैनात किया गया है। मेजर जनरल अतहर अब्बास ने जियो टीवी को बताया, हेलमंड क्षेत्र के विपरीत तैनाती के लिए सैनिकों को अन्य स्थानों से हटाकर वहां भेज गया है।

यह पुनर्गठन जैसा है। पाकिस्तानी और अमेरिकी अधिकारियों ने चिंता जाहिर की है कि दक्षिणी अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों के जमावड़े की वजह से आतंकवादी पाकिस्तान के कबायली इलाकों में दाखिल हो सकते हैं।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2600 किलोमीटर सीमा साझी है। इसमें से हेलमंड सूबे के साथ 260 किलोमीटर की सीमा है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान सूबे सटी है। अमेरिका का मानना है कि तालिबान के वरिष्ठ सदस्य वहीं कहीं छुपे बैठे हैं।

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  • Web Title:अफगानिस्तान में सैन्य अभियान शुरू