DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

शाबाश शालोम...

शाबाश शालोम...

दोस्तो, हम तुम्हें शालोम डिसूजा से मिलवा रहे हैं। तुम सोच रहे होंगे कि शालोम कौन हैं? यह दुनिया की सबसे कम उम्र की डीजे है। उम्र है सिर्फ सात वर्ष। पांच वर्ष की उम्र से ही इन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत सीखना शुरू कर दिया था। यह बहुत प्यारी और हंसमुख स्वभाव की हैं। शरारती तो बिल्कुल नहीं हैं।

दोस्तो, सात साल की उम्र में डीजे के बारे जहां तुम लोग कम ही जानते होंगे, वहीं मुम्बई की शालोम डिसूजा तुम्हारी एक ऐसी दोस्त हैं, जिन्होंने इतनी कम उम्र में डीजे बन कर पूरी दुनिया को चौंकाया। ऐसा नहीं है कि उन्होंने इसे पेशे के रूप में अपना लिया है, बल्कि अपनी पढमई और शौक में सही संतुलन बिठा कर इस उम्र में सिर्फ शौकिया तौर पर ही इसे करना चाहती हैं।

इससे सीधा संदेश तुम बच्चों के बीच यह जाता है कि हां, हम भी किसी से कम नहीं, लेकिन यह हमारा सिर्फ शौक है, जिसे बडे़ होने पर ही हम पेशे की तौर पर अपनाएं तो ही बेहतर रहेगा। पिछले दिनों ‘संकल्प रिहेबिलिटेशन ट्रस्ट’ और ‘नारकोटिक्स ब्यूरो’ ने नशीली दवाओं और उनके अवैध कारोबार के खिलाफ एक रैली का आयोजन किया। शालोम ने डीजे देविका के साथ उस रैली में परफॉर्म किया। देविका ने ही शालोम को संगीत सिखाया है।

शालोम अपने पिता के साथ डीजे नाशा के इंस्टीट्यूट गई थीं। उन्होंने बताया, ‘मुझे संगीत अच्छा लगता है, वह चाहे जिस रूप में हो। पापा जब भी मुझे इस इंस्टीट्यूट में ले आते थे, संगीत के प्रति मेरा लगाव बढ़ जाता था। यहां के स्टूडेंट्स और इंस्ट्रक्टर्स ने मुझे स्कैचिंग और मिक्सिंग सिखाई। अब मैं स्टेज पर परफॉर्म करने के लिए तैयार हो चुकी हूं।’

बॉलीवुड के ट्यून और बीट्स को समझना शालोम के लिए आसान नहीं था। शालोम के पिता रेयान डिसूजा ने बताया, ‘वह पांच वर्ष की उम्र से भारतीय शास्त्रीय संगीत सीख रही है और बीट्स के बदलाव में उसकी अच्छी समझ है। एक बार भी वह बीट्स की गलती नहीं करती।’ वह शालोम को सलाह देते रहते हैं और साथ ही साथ उत्साह भी बढते हैं।

शालोम मुम्बई के बोरिवली उपनगर में ‘मैरी इमेक्युलेट गर्ल्स हाईस्कूल’ में पढती हैं। उनकी मां शैरी ने बताया, ‘हमें शालोम को बार-बार पढने के लिए नहीं कहना पड़ता। वह बड़ी जिम्मेदारी से पढ़ाई करती है। उसने संगीत और अध्ययन में बहुत अच्छा संतुलन बना रखा है।’
हालांकि शालोम को हिन्दी ठीक से नहीं आती। मगर वह सीखेंगी। वह इस समय अंग्रेजी में ही लिखने-पढने का काम करती हैं।

कम उम्र में जिन्होंने किया धमाल..

श्रेया घोषाल
11 वर्ष की उम्र में Þोया की ‘सारेगामापा’ शो से पहचान बनी। 
‘डोला रे डोला’ और ‘सिलसिला ये चाहत का’ गानों से हिट हुईं।


अनमोल मलिक
16 वर्ष की उम्र में जे.पी. दत्ता की फिल्म ‘उमराव जान’ का गाना रिकॉर्ड किया। ‘अगली और पगली’ फिल्म में अपना पहला गीत ‘ताली‘ गाया।

सुनिधि चौहान 
टैलेंट हंट शो ‘मेरी आवाज सुनो’ में 13 वर्ष की उम्र में इन्होंने इतना अच्छा गाया कि लोग आश्चर्यचकित रह गए। और फिर सिलसिला चलता रहा।


आदित्य नारायण
उदित नारायण के बेटे ने आठ वर्ष की उम्र में ‘मासूम’ फिल्म के लिए गाना गाया था। उसी समय से इनके प्रशंसकों की संख्या बढ़ रही है।

बप्पा लाहिड़ी
बप्पी लाहिड़ी के बेटे ने 11 वर्ष की उम्र मेंगानों की धुन बनानी शुरू की और पिता को सहयोग देना शुरू किया।

अलका याज्ञनिक
आज की टॉप प्ले बैक सिंगर अलका याज्ञनिक 13 वर्ष की उम्र में ही सिंगर बन चुकी थीं। ‘मेरे अंगने में’ इनका पहला गाना था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:शाबाश शालोम...