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फ्रांस की संसद ने किया बुर्का आयोग का गठन

फ्रांस की संसद ने किया बुर्का आयोग का गठन

फ्रांस की संसद ने देश में मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले बुर्के और नकाब के प्रचलन का अध्ययन करने के लिए एक संसदीय आयोग का गठन कर दिया है। संसद के निचले सदन के सत्तापक्ष और विपक्ष के कुल 32 सांसदों वाला यह आयोग इस वर्ष के अंत तक अपनी रिपोर्ट दे देगा। यह आठ जुलाई से काम करना शुरू कर देगा।

फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी पहले ही कह चुके हैं कि देश में बुर्के का स्वागत नहीं है, क्योंकि यह धर्म का नहीं बल्कि महिलाओं की गुलामी का प्रतीक है। सरकोजी के इस बयान से पहले करीब 60 सांसदों ने बुर्के की अनुमति देने संबंधी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर इस मामले के अध्ययन के लिए संसदीय आयोग के गठन की मांग की थी।

अल कायदा की उत्तरी अमेरिकी शाखा ने मुस्लिम महिलाओं के पहनावे के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए फ्रांस से बदला लेने की धमकी दी है। संसद के निचले सदन के प्रमुख बर्नार्ड अकोयर ने कहा कि इस तरह की धमकियों से अधिकारों और सहिष्णुता के सम्मान के साथ ही इस सिलसिले में काम के प्रति हमारी प्रतिबद्धता बदलने वाली नहीं है।

धमकी मिले या न मिले हमारे रुख में कोई बदलाव आने वाला नहीं है। बल्कि इन धमकियों से हमारी यह दृढता और मजबूत होती है, हम ऐसे समाज को कतई स्वीकार नहीं करेंगे, जहां धमकियों से स्वतंत्रता का हनन होता है। यूरोपीय देशों में फ्रांस में सर्वाधिक मुस्लिम आबादी है, जहां धर्म निरपेक्ष मूल्यों और लैंगिग समानता को विशेष महत्व दिया जाता है।

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