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13 साल के करन ने पांच लोगों की जान बचाई

कक्षा तीन में पढ़ने वाले 13 साल के करन निषाद ने मंगलवार की शाम मुक्तिपथ के पास सरयू नदी में छलांग लगाने वाली एक महिला और उसकी चार पुत्रियों को अथक प्रयास से बचा कर कीर्तिमान रच दिया। केवल पुत्रियां पैदा करने के नाते ससुराल में मिलने वाली प्रताड़ना से आजिज आ महिला ने पुत्रियों समेत मौत को गले लगाने के कठोर निर्णय के साथ नदी में छलांग लगाई थी। बचने के बाद उसने भी करन का शुक्रिया अदा किया। कस्बे में जहां महिला के परिवार की भर्त्सना की जा रही है वहीं करन के साहस, चातुर्य और सतर्कता की प्रशंसा की जा रही है। उसका नाम वीरता पुरस्कार के लिए राष्ट्रपति के पास भेजने पर भी विचार-विमर्श हो रहा है।


मुक्तिपथ के निकट निषाद बस्ती के निवासी और कक्षा तीन के छात्र करन के अनुसार मंगलवार की शाम वह मुक्तिपथ पर मौजूद था। अचानक उसने देखा कि एक महिला अपनी बच्चियों को सरयू की धारा में फेंक रही है। उसके देखते ही देखते चार बच्चियां सरयू के हवाले हो गईं और अन्त में महिला ने भी छलांग लगा दी। मासूम होने के बावजूद करन ने तत्काल समझ लिया कि महिला सारी बेटियों के साथ मौत को गले लगा रही है। बिना समय गंवाए उसने भी सरयू में छलांग लगा दी और लहरों से लड़ते हुए एक-एक बच्ची को किनारे लाने लगा।
चारों बच्चियों को बचाने के बाद उसने महिला को बचाने की कोशिश की। महिला का वजन अधिक होने से करन उसे सम्भाल नहीं पा रहा था। तब उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। करन का शोर सुन आसपास के लोग आ गए। उनमें से उसका पड़ोसी जयराम निषाद नदी में कूद गया और महिला को सकुशल बचा ले आया। जब लोगों ने देखा कि बालक करन ने चार बच्चियों को बचाया और उनकी माँ को बचाने का प्रयास किया तो लोगों ने उसे गोद में उठा लिया और प्रशंसा करने लगे।


जिस महिला ने पुत्रियों समेत आत्महत्या का निर्णय लिया था उसका नाम रिंकी मिश्रा है। भरसी गाँव निवासी प्रवीण की पत्नी रिंकी का परिवार गरीब है। पति एक स्कूल में पढ़ा कर घर चलाता था। इस बीच उसके चार बेटियाँ हुईं। जब घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया तो प्रवीण कमाने के लिए बाहर चला गया। उसने रिंकी की सुधि लेनी भी बंद कर दी। उधर सास बात-बात पर रिंकी को चार बेटियों को जन्म देने के लिए ताने मारा करती थी। इधर प्रताड़ित भी की जा रही थी। जब हालात ऐसे हो गए तो उसने चारों बेटियों मुस्कान, अनन्या, आयुषी और शिखा के साथ आत्महत्या का निर्णय लिया और सरयू तट पर पहुँच गई।
नगर के समाजसेवी महेश उमर ने कहा कि वह राज्य मंत्री राजेश त्रिपाठी से अनुरोध करेंगे कि करन का नाम वीरता पुरुस्कार के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाए। साथ ही उपनगर में एक समारोह कर करन को सम्मानित किया जाएगा।

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