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उत्तर प्रदेश की परती भूमि विकास के लिए विश्व बैंक ने कर्ज दिया

विश्व बैंक ने उत्तर प्रदेश की परती भूमि में कृषि उत्पादकता बढाने के वास्ते अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (आईडीए) के तहत 19.7 करोड़ डालर के कर्ज को मंजूरी दी है।

उत्तर प्रदेश की 16.6 करोड़ की आबादी का अस्सी फीसदी का हिस्सा ग्रामीण इलाकों में रहता है और उनमें से दो तिहाई से अधिक लोगों की आजीविका खेती पर निर्भर है।

बुन्देलखंड एवं चंबल क्षेत्र के इलाकों में गरीब किसानों के पास न सिर्फ भूमि का बहुत कम हिस्सा है बल्कि उसमें उपज भी बहुत कम होती है।

राज्य की कृषि योग्य भूमि का दस फीसदी भूमि में पैदावार औसत से एक तिहाई से ज्यादा नहीं है। उत्तर प्रदेश परती भूमि विकास परियोजना का मकसद 25 जिलों में एक लाख 30 हजार हैक्टेयर बंजर और परती भूमि की ऊर्वरा क्षमता में वृद्धि करना है। राज्य में पहले भी इस तरह की दो परियोजनाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा चुका है और करीब ढाई लाख हेक्टेयर भूमि की पैदावार क्षमता बढाने के सुपरिणाम भी दिखाई पड़ रहे हैं।

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  • Web Title:उत्तर प्रदेश को विश्व बैंक ने कर्ज दिया