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जाको राखे साईयां मार सके न कोय

जाको राखे साईयां मार सके न कोय

जाको राखे साईयां मार सके न कोय, यह कहावत उस समय चरितार्थ हुई जब हिन्द महासागर के उपर दुर्घटनाग्रस्त हुए यमन के एक विमान में सवार 153 लोगों में से एक लड़की जिन्दा बच गई।

राहत और बचावकर्मियों को जब यह 14 वर्षीय लड़की मलबे और शवों के बीच समुद्र में तैरती मिली तो वे आश्चर्यचकित रह गए। यमन का विमान एयरबस 310 उस समय दुर्घटनाग्रस्त होकर समुद्र में गिर पड़ा जब वह कोमोरोस द्वीप समूह पर उतरने की कोशिश कर रहा था।

विमानन अधिकारियों ने बताया कि विमान ने एक बार उतरने का असफल प्रयास किया और फिर दोबारा उतरने की कोशिश में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों के शव और विमान का मलबा आर्चिपेलागो की राजधानी मोरोनी के पास समुद्र में पड़ा मिला। उड़ान संख्या आईवाई 626 में सवार 142 यात्रियों और चालक दल के 11 सदस्यों में से सिर्फ एक लड़की ही जीवित बच सकी।

रेडक्रास के स्थानीय अधिकारी रामूलाती बेन अली ने बताया कि लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और चिंता की कोई बात नहीं है। लड़की को बचाने वाले एक राहतकर्मी ने फ्रांस के यूरोप 1 रेडियो को बताया कि लड़की को शवों और विमान के मलबे के बीच पानी में तैरते हुए देखा गया।

उसने बताया कि लड़की को बचाने के लिए हमने जीवनरक्षक उपकरण फेंका गया, जिसे लड़की पकड़ नहीं पाई। इसके बाद मैं खुद पानी में कूदा और उसे बचाया।

राहतकर्मी ने बताया कि लड़की ठंड से बुरी तरह कांप रही थी। सरकारी प्रवक्ता ने भी विमान दुर्घटना में केवल इस लड़की के बचने की पुष्टि की है। अस्पाताल में लड़की की देखरेख करने वाले चिकित्सक अदा मंसूर ने बताया कि बचाई गई लड़की होश में है और बातचीत कर रही है।

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