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31 मार्च, 2020|1:05|IST

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मिले डे मिल को लेकर विपक्ष ने सरकार की पूरी फजीहत की

अब मास्टर पढ़ायेंगे, खाना नहीं बनायेंगे। सरकारी स्कूलों में बच्चों के दोपहर का खाना (मिडडे मिल) निजी एजेंसी बनायेगी और खिलायेगी। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मिड डे मिल योजना में गड़बड़ी स्वीकार करते हुए उसके सुधार के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का ऐलान किया है।

मंगलवार को विधानसभा में विपक्ष के प्रश्नों की बौछार के आगे सूबे के शिक्षा मंत्री हरिनारायण सिंह बेबस दिखे। अपने मंत्री को फंसते देख मुख्यमंत्री उठे और विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मिड डे मिल के सभी स्वरुपों पर पुनर्विचार हो और विपक्ष अपनी भी सार्थक राय दे।

उन्होंने माना कि मिड डे मिल का लाभ जरुरतमन्दों तक  नहीं पहुंच रहा। उसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी है। शिक्षक भी इससे परेशान रहते हैं। उन्होंने स्कूल में बच्चों की कम उपस्थिति और खद्यान्न के कम उठाव को भी इसके लिए जिम्मेवार माना। उन्होंने कहा कि एसएमएस से मिड डे मिल की रिपोर्ट लेने पर विचार किया जा रहा है।

हालांकि विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने अल्पसूचित प्रश्न उठाने वाले माकपा के रामदेव वर्मा की मांग पर नालन्दा जिले के चार स्कूलों में मिल डे मिल की गड़बड़ी की जांच सदन की प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति को सौंपते हुए जांच रिपोर्ट तीन महीने में देने का निर्देश दिया।

इसके पूर्व इस मामले पर विपक्ष ने सरकार की पूरी फजीहत की। राजद के अब्दुलबारी सिद्दीकी, रामचन्द्र पूव्रे, कांग्रेस के अवधेश नारायण सिंह, निर्दलीय किशोर कुमार मुन्ना, लाल बाबू राय समेत कई सदस्यों ने कहा कि मिल डे मिल में व्यापक गड़बड़ी  है जिसकी विधानसभा की कमेटी से जांच होनी चाहिए। 

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  • Web Title:मास्टर पढ़ायेंगे खाना नहीं बनायेंगे