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23 फरवरी, 2020|9:57|IST

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शहरी विकास की योजनाएँ निचले स्तर तक पहुँचाने की कवायद

केन्द्र सरकार की शहरी विकास की योजनाएँ निचले स्तर तक पहुँचे, इसके लिए अधिनियम में संशोधन किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। अब हर वार्ड में कक्ष समिति बनेगी और नगर निगम को अपने किए गए हर कार्य का ब्योरा जनता के सामने पेश करना होगा।

केन्द्र की ओर से जेएनएनयूआरएम, आईएसएचडीपी, बीएसयूपी सरीखी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। केन्द्र  सरकार का मानना है कि केन्द्रीय  योजनाओं का लाभ आम जनता को नहीं पहुँच पा रहा है जिसके कारण शहरी विकास पूरी तौर से नहीं हो पा रहा है। लिहाज पहले की व्यवस्था में तब्दीली के निर्देश दिए गए हैं।

पहले नगर निगमों में 10 वार्ड में एक कक्ष समिति बनाने की व्यवस्था थी। अब एक वार्ड में एक कक्ष समिति के गठन का सुझव दिया है। इन समितियों का उद्देश्य अपने वार्ड में विकास की संभावनाओं को तलाशना होगा। कक्ष समितियों की समस्याएँ कैसे दूर हों, उन पर भी ये अपने सुझव देंगी और विकास कार्यो पर निगरानी भी रखेंगी।

कक्ष समिति में पार्षद के अलावा अधिकारी और क्षेत्र के प्रभावशाली व्यक्ति भी सदस्य होंगे। इसके अलावा नगर निगमों के काम-काज में कोई हेरा-फेरी न हो, इसलिए पब्लिक डिसक्लोजर लॉ लागू करने के लिए भी अधिनियम में संशोधन की तैयारी है।

इस अधिनियम के बनने के बाद नगरीय क्षेत्र में जो भी होगा, उसका पूरा ब्योरा नगर निगम को वेबसाइट से लेकर नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा।

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  • Web Title:शहरी विकास की योजनाएँ निचले स्तर तक पहुँचाने की कवायद