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पूछताछ के लिए निगरानी नहीं पहुंचे एनोस एक्का

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एनोस एक्का 27 मार्च को पूछताछ के लिए निगरानी नहीं पहुंचे। वहीं, उन्होंने संपत्ति से संबंधित कुछ कागजात और एक पत्र निगरानी को भेजा है। इसमें कहा गया है कि लोकसभा चुनाव में वह व्यस्त हैं। अभी पूछताछ के लिए निगरानी के समक्ष नहीं आ सकते। संपत्ति से संबंधित जो दस्तावेज भेजे गये, वह भी आधे-अधूरे हैं। उनकी पत्नी के एक्का कंस्ट्रक्शन को कितने का ठेका मिला, कितनी आमदनी हुई, इस बाबत कोई जानकारी नहीं दी गयी।ड्ढr निगरानी के अधिकारी इसे अनुसंधान को लंबित करने के रूप में देख रहे हैं और अगले सोमवार तक एनोस के विरुद्ध एकतरफा निर्णय ले सकते हैं। एनोस के नहीं आने के बाद निगरानी के आइजी एमवी राव ने अधिकारियों की एक टीम गठित की और उनकी पत्नी से पूछताछ को डोरंडा स्थित उनके आवास भेजा। वहां एनोस की पत्नी से मुलाकात नहीं हो सकी। टीम खाली लौट गयी। एक्का कंस्ट्रक्शन एनोस की पत्नी मेमन एक्का के नाम से है। निगरानी अनुसंधान के दौरान एक्का कंस्ट्रक्शन की आमदनी को भी एनोस की आमदनी से जोड़कर देखेगी। इधर, आइजी ने बताया कि कानून में जो प्रावधान है, उसके तहत अनुसंधान कार्य को पूरा किया जायेगा। किसी भी स्थिति में अनुसंधान को प्रभावित होने नहीं दिया जायेगा। 28 मार्च को आरोपी हरिनारायण राय से भी पूछताछ होगी। मालूम हो कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में झारखंड सरकार के दो पूर्व मंत्रियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था और निगरानी मामले का अनुसंधान कर रही है।हाइकोर्ट ने सचिवालय सेवा के गठन का दिया निर्देशरांची। झारखंड हाइकोर्ट ने सचिवालय सेवा के गठन का निर्देश दिया है। यह प्रक्रिया हर हाल में तीन माह के भीतर पूरी करने की बात कही गयी है। मनोज कुमार की याचिका पर सुनवाई के बाद हाइकोर्ट ने उक्त आदेश दिये।ड्ढr याचिका में कहा गया है कि प्रार्थी सहकारिता विभाग में टाइपिस्ट है। इस पद को अपग्रेड कर यूडीसी की सुविधा मिलनी चाहिए। कैडर विभाजन के बाद वे झारखंड आ गये। बिहार में यूडीसी की सुविधा दी जाने लगी है। इससे झारखंड में पदस्थापित कर्मियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कोर्ट ने सरकार को सचिवालय सेवा के गठन के बाद प्रार्थी के आवेदन पर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है।ड्ढr गुमला डीसी को हाजिर होने का निर्देशड्ढr रांची। झारखंड हाइकोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई के बाद गुमला डीसी को एक अप्रैल को हाजिर होने का निर्देश दिया है। तारकेश्वर प्रसाद की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि वह गुमला में दलपति के पद पर कार्यरत था। पंचायत सेवक की नियुक्ित के लिए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 2004 में गुमला डीसी को दो माह में आवेदन पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। लेकिन पांच साल बाद उनके आवेदन को खारिा किया गया, जबकि कोर्ट ने दो माह में ही मामला निष्पादन का निर्देश दिया था।ाोबा मांझी की याचिका पर सुनवाई दस कोड्ढr संवाददाता रांची विधायक जोबा मांझी के निर्वाचन को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई दस अप्रैल को होगी। झारखंड हाइकोर्ट ने प्रार्थी से इवीएम मशीन के बार में भी जानकारी मांगी है। कोर्ट ने गुरुचरण नायक द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद उक्त निर्देश दिये। हाइकोर्ट में दायर निर्वाचन याचिका में कहा गया है कि मतगणना में अनियमितता बरती गयी है। जोबा मांझी 11वें राउंड तक प्रार्थी से पीछे चल रही थीं। इसके बाद के तीन राउंड का फिगर घोषित ही नहीं किया गया। अचानक जोबा मांझी को विजयी बता दिया गया।

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  • Web Title: पूछताछ के लिए निगरानी नहीं पहुंचे एनोस एक्का