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15 अगस्त, 2020|1:59|IST

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दो टूक

अपहरण और डकैतियों में शामिल बंदे अब स्कूलों में पैसा लगा रहे हैं। यह बात यूपी के माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने खुद कही है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब दिल्ली से लेकर लखनऊ तक स्कूली शिक्षा पर मीठी-मीठी बातें हो रही हैं। अभी तक तो हम यही समझते थे कि ‘शिक्षा माफिया’ नाम का मुहावरा मोटी-मोटी फीस की लालसा और छात्रों-अभिभावकों की मजबूरियों की कोख से निकला है।

लेकिन मंत्रीजी ने अपहरणकर्ताओं और डकैतों के घुसपैठ की बात कह कर चौंकाया है। तो क्या शिक्षा के संसार में यह नया ट्रेंड विकसित हो रहा है? अगर हाँ, तो यह गाल बजने का नहीं बल्कि ठिठक कर कुछ सोचने, कुछ करने का वक्त है। वर्ना ‘राजनीति के अपराधीकरण’ की तर्ज पर भविष्य में एक और मुहावरा ओढ़ने-बिछाने के लिए तैयार रहिए-‘शिक्षा का अपराधीकरण’।