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22 फरवरी, 2020|3:19|IST

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अब किराये पर भी मिलेगी आईटी पार्क में जगह

जमीन के मद में अधिक पैसे खर्च करने से हिचकने वाली छोटी-बड़ी आईटी कंपनियां अब कम खर्च में भी बेहतर सुविधाओं का फायदा उठा सकेंगी। इसके लिए बिल्डिरों ने ना केवल सीट्स के आधार पर बीपीओ कंपनियों को जगह मुहैया करा रही हैं। कंपनियां ना केवल गुड़गांव बल्कि एनसीआर के दूसरे शहरों में भी इसी तर्ज पर आईटी पार्क विकसित कर रही हैं, ताकि निर्धारित समय पर परियोजनाओं की शुरुआत की जा सके। ऐसी स्कीमों से आईटी एवं सर्विस सेक्टर से जुड़ी दूसरी कंपनियां भी थोड़ी राहत महसूस करने लगी हैं।


साइबर सिटी में दो सौ से अधिक आईटी एवं आईटी इनेबल्ड इंडस्ट्रीज कंपनियां कार्यरत हैं। लेकिन, प्रॉपर्टी की दरें और मंदी के दौर में निवेश की क्षमता होने से कंपनियां अब स्पेश खरीदने के बजाय किराये पर आफिस संचालित करना बेहतर समझ रही हैं। मानेसर स्थित आईटी पार्क या सेक्टर-18 में आईटी कंपनियों के लिए 50 रुपये प्रति वर्ग फुट के किराये या 5000 रुपये प्रति सीट के आधार पर कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। कई बड़े बिल्डर भी इसी तर्ज पर निवेशकों को लुभा रही हैं, ताकि खाली स्पेस को जल्द से जल्द भरा जा सके। वेगमैन्स इंडस्ट्रीज के एसके गुप्ता के मुताबिक उन्होंने कंपनियों को किराये पर आईटी पार्क में जगह उपलब्ध कराने की पहल की है।

इसके तहत कंपनियों को महज 25-35 रुपये की दर पर आफिस स्पेस मुहैया कराए जाएंगे। इतना ही नहीं, बड़ा स्पेस लेने पर उन्हें पहले छह महीने तक कोई किराया भी नहीं देना होगा। लेकिन, पांच वर्षों के बाद ब्याज मुक्त रकम के तौर इसकी अदायगी करने की सुविधा दी जा रही है। बीपीटीपी, आम्रपाली सहित अन्य रियल एस्टेट कंपनियां भी आईटी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए तरह तरह की स्कीमें ला रही हैं। लेकिन, परेशानी उन बिल्डरों के लिए बढ़ गई है, जो एसईजेड का निर्माण कर रही हैं। एसईजेड में उन कंपनियों को ही जगह दी जा सकती हैं जो एक्सपोर्ट ओरियंटेड यूनिट्स हो, ऐसे में छोटी या घरेलू कंपनियों के लिए जगह मुहैया कराना उनके लिए मुश्किल होगा।

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