DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आटो कंपनियां चाहती हैं बरकरार रहे रियायतें

आटो कंपनियां चाहती हैं बरकरार रहे रियायतें

वैश्विक आर्थिक मंदी की मार झेल चुका आटो उद्योग चाहता है कि सरकार पिछले दो राहत पैकेजों में घोषित रियायतों को जारी रखे और आगामी आम बजट में वित्त की आसान उपलब्धता सुनिश्चित कराए।

ज्यादातर आटो कंपनियां चाहती हैं कि सरकार सेनवैट में चार फीसद की कटौती को बरकरार रखे। दिसंबर और जनवरी में घोषित दो राहत पैकेजों में कंपनियों को यह सुविधा दी गई थी।
 वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में गिरावट रोकने और बिक्री बढ़ाने के लिए आटो कंपनियों को लगता है कि ढांचागत परियोजनाओं को तेजी से लागू किए जाने और कुछ अतिरिक्त रियायतें दिए जाने से वाणिज्यिक वाहनों के बाजार में तेजी आयेगी। मारूति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने को बताया कि उचित दरों पर वित्त की उपलब्धता काफी महत्वपूर्ण है जिसके बिना वाहनों की बिक्री नहीं बढ़ाई जा सकती।
 

इसी तरह के विचार रखते हुए बजाज आटो के चेयरमैन राहुल बजाज ने कहा कि वैश्विक आर्थिक संकट के चलते निर्यात बाजार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, इसलिए हमें घरेलू मांग सुधारने की जरूरत है। बैंकों को उचित दरों पर कर्ज उपलब्ध कराना चाहिए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आटो कंपनियां चाहती हैं बरकरार रहे रियायतें