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विकास के लिए 10 अरब रुपए

पथ परिवहन निगमकर्मियों के दिन बहुरंगे। बिहार सरकार ने रिटायर कर्मचारियों के बकाया भुगतान के लिए 16रोड़ रुपये दिये हैं। शुक्रवार को कैबिनेट ने निगमकर्मियों के बकाया भुगतान समेत विभिन्न विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए दस अरब रुपये खर्च को मंजूरी दी। कुसहा कटाव पर गठित जस्टिस वालिया कमेटी और भागलपुर दंगे की जांच कर रहे जस्टिस एन.एन.सिंह आयोग को एक्सटेंशन मिल गया। बिहार न्यायिक पदाधिकारी प्रशिक्षण संस्थान को बिहार न्यायिक अकादमी के नाम से जाना जायेगा। टेंडर भरने और शुल्क की अदायगी की प्रक्रिया में सहुलियत के लिए ‘ई क्रय प्रणाली’ लागू की गयी है। सूत्रों के अनुसार एनएमसीएच के एमबीबीएस कोर्स में वार्षिक दाखिले की सीटें 50 से बढ़ाकर 100 करने के लिए विभिन्न विभागों में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों के सृजन को मंजूरी दी गयी है। परिवहन निगम के बंटवार के बाद बिहार ने 273 करोड़ रुपये में से अपने हिस्से के 16रोड़ दे दिये हैं।ड्ढr ड्ढr इससे निगम के 31 मार्च 2001 तक रिटायरकर्मियों के वेतन और बकाये का भुगतान होगा। आईजीआईएमएस जरूरत पड़ने पर अब 50 लाख रुपये से अधिक राशि की आउटसोर्सिग कर सकेगा। संस्थान को 15.5 करोड़ रुपये दिये गये हैं। पिछड़ा क्षेत्र विकास योजना के तहत 36 जिलों को एकमुश्त 421.36 करोड़, इम्फॉरमेशन एण्ड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी स्कूल स्किम के तहत 1000 मिडिल स्कूलों में कम्प्यूटरीकरण के लिए 66.66 करोड़, एनटीपीसी द्वारा भारी कटौती की वजह से विद्युत बोर्ड को यूआई से अधिक दर पर बिजली खरीदने के लिए 60 करोड़, आइजी आईएमएस में भवन मरम्मत के लिए 3.6रोड़, गंभीर रूप से बीमार बीपीएल रोगियों के इलाज के लिए 2 करोड़, जलजमाव वाले नगर निगमों को 3.80 करोड़, बाढ़ग्रस्त नगर निकायों को 14.12 करोड़, पीएमसीएच को मशीन खरीदने के लिए 11.7 करोड़, रांची स्थित तंत्रिका मनोचिकित्सा एवं संबंध विज्ञान संस्थान को 6.20 करोड़, नक्सल प्रभावित छह जिलों के आधुनिकीकरण के लिए 17 करोड़ रुपये दिये गये हैं। कर्ज चुकाने के लिए 140 करोड़ रुपये की निक्षेप निधि (सीएसएफ) बनायी गयी है।ड्ढr इससे प्रत्येक वर्ष के अंत तक की कुल बकाये देयता का भुगतान 0.5 प्रतिशत न्यूनतम वार्षिक अंशदान से किया जायेगा।ं

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