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14 जुलाई, 2020|10:30|IST

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शिक्षा पलट की घोषणाएं दिशाहीन, मनमोहन दखल दें

भारतीय जनता पार्टी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की अगले सौ दिन में शिक्षा का कायापलट करने की घोषणाओं को दिशाहीन तर्कहीन और अनुभवहीन करार देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस मामले में स्वयं हस्तक्षेप करने और शिक्षा को खराब करने से रोकने आग्रह किया है।


भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने शुक्रवार को पार्टी की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल की शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव करने की घोषणाओं को अव्यावहारिक और राज्यों के संवैधानिक अधिकारों में हस्तक्षेप करार दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दलों द्वारा शासित राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की संसद के अगले सत्र से पहले बैठक होगी। जिसमें वह आगे की रणनीति तय करेगी।


डा जोशी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सौ दिन की हड़बड़ी में शिक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और उन्हें स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करके कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी राज्य सरकारों और राजनीतिक दलों से चर्चा कर आम सहमति बनानी चाहिए।
 

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने संसद के आगामी सत्र में मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा विधेयक को पारित कराने, स्कूली शिक्षा में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) को बढ़ावा देने से लेकर दसवीं के बोर्ड को खत्म करने विदेशी विश्वविद्यालय विधेयक राष्ट्रीय ज्ञान आयोग एवं यशपाल समिति की सिफारिशों को लागू करने समेत कई नए कदम उठाने की भी बात कही है।

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