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23 फरवरी, 2020|10:04|IST

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उत्तर प्रदेश सरकार का क्रांतिकारी फैसला, अपने मूल दलित एजेंडे पर लौटती प्रदेश सरकार

उत्तर प्रदेश देश का सम्भवतः पहला राज्य है जहां ठेकेदारी में दलितों के लिए 23 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा रहा है। इस आशय का निर्णय गुरुवार को मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।

सुश्री मायावती ने बताया कि सरकारी सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में लागू आरक्षण व्यवस्था की तरह अब राज्य के अधीन विभागों, निगमों, उपक्रमों, प्राधिकरणों, परिषदों एवं निकायों में पांच लाख रुपए तक के निर्माण में ठेकेदारी से कराए जाने वाले कार्यों में अनुसूचित जाति को 21 प्रतिशत तथा अनुसूचित जनजाति को दो प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

सुश्री मायावती ने बताया कि इन कार्यों के लिए आमंत्रित की जाने वाली निविदाएं इन्हीं वर्ग के ठेकेदारों से प्राप्त कर स्वीकृत की जाएंगी। 

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में अपेक्षा के अनुरुप परिणाम नहीं आने के बाद से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में दलित एजेन्डे को लेकर जबर्दस्त मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि यह आरक्षण दलित एजेन्डे को लेकर उठाया गया कदम है। बसपा का मूल वोट बैंक दलित ही माना जाता है।

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  • Web Title:ठेकेदारी में दलितों को मिलेगा 23 प्रतिशत आरक्षण