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31 मई, 2020|4:23|IST

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विश्व स्ट्रोक दिवस पर कई कार्यक्रम

स्ट्रोक यानि पक्षाघात को ब्रेन अटैक के नाम से भी जाना जाता है। इस के बारे में शहर के कई अस्पतालों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। डाक्टरों ने बताया कि इस बीमारी मे आम तौर पर शरीर का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो जाता है।

प्रभावित हिस्से मे दुर्बलता आ जाती है। पारस अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डा. कपिल अग्रवाल तथा डा. रजनीश कुमार ने बताया कि पक्षाघात के लक्षण आसानी से पहचान मे आ जाते हैं। अचानक शांत अथवा निष्क्रिय हो जाना तथा हाथ उठाने मे परेशानी अनुभव करना, चलने मे असंतुलित तथा परेशानी महसूस करना, बोलने और समझने में परेशानी महसूस करना, एक या दोनो आंखों से देखने मे धुंधलापन होना, अचानक सामंजस्य का अभाव होना तथा बिना किसी कारण के सरदर्द होना, आदि लक्षण इस बात का संकेत देते हैं कि मरीज को पक्षाघात की समस्या है और उसे तत्काल डॉक्टरी उपचार की जरुरत है।

डा. कपिल अग्रवाल ने बताया कि 24 जून विश्व स्ट्रोक डे  के रूप में मनाया जाता है। अस्पताल लोगों में जागरुक करने के लिए सप्ताह तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान स्ट्रोक के ईलाज के लिए नि:शुल्क परामर्श के साथ ही साथ ईलाज के लिए किए जाने वालों की एमआरआई भी रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

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