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हैबसपुर में चिकन पॉक्स का कहर

प्रखंड के हैबसपुर मुसहरी में चिकन पॉक्स से एक बच्ची की मौत की खबर है। वहीं दूसरी ओर इस बीमारी से डेढ़ दर्जन बच्चे पीड़ित हैं। अंधविश्वास में डूबे ग्रामीण इस बीमारी को दैवी प्रकोप मानकर पूजा-पाठ करने में जुटे हैं। हालांकि सूचना मिलने पर प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशि शेखर सिंह ने एक मेडिकल टीम गठित कर गांव में भेज दी है। उन्होंने बताया कि पीड़ितों में दवाइयों का वितरण कराने के साथ ही गांव में दवा का छिड़काव भी कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हैबसपुर गांव में फैले चिकन पॉक्स से सुदामा मांझी की डेढ़ वर्षीया पुत्री निक्की कुमारी की दो दिनों पूर्व जान चली गई। इस बीमारी से सुदामा मांझी की तीन वर्षीया एक अन्य पुत्री रखा, राजेश मांझी का एक वर्षीय पुत्र मंटू, सुरंद्र मांझी की छह वर्षीया पुत्री अमृता, कुसुम मांझी का छह वर्षीय पुत्र लव और पांच वर्षीय पुत्र कुश, प्रह्लाद मांझी का छह वर्षीय पुत्र धानू कुमार, रमेश मांझी का सात वर्षीय पुत्र प्रमोद, किसुन मांझी का दो वर्षीय पुत्र राय, कईल मांझी का तीन वर्षीय पुत्र हरंद्र, बतूम मांझी का पांच वर्षीय नीरा और चार वर्षीया पुत्री बबीता समेत कई पीड़ित हैं। इंदू समेत गांव की अन्य महिलाएं चिकन पॉक्स को बीमारी नहीं दैवी प्रकोप मानती हैं। इनका कहना है कि पांच दिनों तक घर में देवी का प्रकोप रहता है। पांच दिनों तक घर में देवी को मनाने के लिए पूजा-पाठ किया जाता है। भोजन में लहसून-प्याज तक वर्जित रहता है। पांचवें दिन पानी निकालकर घर से देवी को विदाई दी जाती है।ड्ढr ड्ढr बिहटा से ए.सं. के अनुसार पाली मुसहर टोली में चिकन पॉक्स से पीड़ित लोगों का समुचित इलाज अस्पताल में नहीं होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सिविल सर्जन से शिकायत की है। ग्रामीणों के अनुसार पाली के बाद उससे सटे गांव कौड़िया में भी चिकन पॉक्स ने पांव पसार लिए हैं। इससे लगभग आधा दर्जन बच्चे गंभीर रूप से उसकी चपेट में आ गए हैं, लेकिन डॉक्टर संवेदनशील नहीं हैं। शुक्रवार को स्वयंसेवी संस्था महिला बाल ज्योति केंद्र की सचिव मान्ती वर्मा ने पीड़ितों का हाल जाना और सफाई के गुर सिखाये।

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  • Web Title: हैबसपुर में चिकन पॉक्स का कहर